
देहरादून जिला प्रशासन ने गुरुवार को तीन बड़े बकायेदारों की संपत्ति कुर्क कर सख्त कार्रवाई की। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर तहसील सदर क्षेत्र में एसडीएम (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए करोड़ों की बकाया राशि के चलते फ्लैट और कार्यालय सील किए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में हाल के महीनों में बड़े बकायेदारों से राजस्व वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। करोड़ों की लंबित राशि और जीएसटी बकाया के मामले बढ़ने के बाद जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में वसूली अभियान तेज करने के निर्देश दिए थे। गुरुवार को इसी अभियान के तहत तीन बड़े बकायेदारों पर कुर्की की कार्रवाई की गई।
कुर्की कार्रवाई का विवरण
एसडीएम (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व टीम ने तहसील सदर क्षेत्र में तीन स्थानों पर संपत्ति सील की:
- पहला मामला: एक बिल्डर पर लगभग ₹3.41 करोड़ की बकाया जीएसटी वसूली लंबित थी। कार्रवाई के तहत राजपुर रोड स्थित विसप्रिंग विला में 4 BHK फ्लैट को सील कर दिया गया।
- दूसरा मामला: एक अन्य बकायेदार पर ₹33.83 लाख और 10% संग्रह व्यय की वसूली लंबित थी। प्रशासन ने उसका कार्यालय कुर्क कर सील किया।
- तीसरा मामला: एक अन्य बकायेदार पर ₹20.10 लाख की राशि बकाया थी। इसके चलते कृष्णा होम, राजपुर रोड स्थित फ्लैट को सील किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को आवश्यक बताया। कुछ व्यापारियों ने कहा कि समय पर वसूली न होने से सरकारी राजस्व प्रभावित होता है, ऐसे में सख्त कार्रवाई जरूरी है। नजदीकी क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि प्रशासन का यह कदम बड़े बकायेदारों में जवाबदेही बढ़ाने का संदेश देता है।
अधिकारियों का बयान
डीएम सविन बंसल ने बताया कि प्रशासन द्वारा बड़े बकायेदारों को बार-बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा:
“राजस्व जमा न कराने पर संबंधित नियमों के तहत संपत्तियां कुर्क की जा रही हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
आगे क्या?
जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अन्य बकायेदारों पर भी इसी तरह की कार्रवाई हो सकती है। सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत या रिपोर्ट मिलने पर त्वरित वसूली और आवश्यक कुर्की कार्रवाई की जाए।





