
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित डालनवाला कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कोतवाली के कोतवाल ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उन्हें लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य है और ऐसे मामलों में त्वरित व कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अचानक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और थाने की वास्तविक स्थिति सामने आई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही को लेकर सरकार लगातार सख्त संदेश दे रही है। मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे औचक निरीक्षणों का उद्देश्य थानों में वास्तविक स्थिति जानना और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सुधार सुनिश्चित करना है। डालनवाला कोतवाली का यह निरीक्षण भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री बैठक के बाद अचानक डालनवाला कोतवाली पहुंचे और पूरी कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। कोतवाल के ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने पर उन्होंने तत्काल लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों को औपचारिकता नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व समझकर दर्ज किया जाए और उनका निष्पक्ष, त्वरित व प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कोतवाली में मौजूद शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद के दौरान अपनी समस्याएं साझा कीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के औचक निरीक्षणों से पुलिस व्यवस्था में अनुशासन बढ़ेगा और आम जनता को बेहतर सेवा मिलेगी।
महिला हेल्प डेस्क और रिकॉर्ड की जांच
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचे और महिला फरियादियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताया। इसके साथ ही एफआईआर रजिस्टर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए दर्ज मामलों पर की गई कार्रवाई, फॉलोअप और लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की। ड्यूटी और उपस्थिति रजिस्टर की जांच कर कर्मियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
अव्यवस्था पर नाराज़गी और निर्देश
थाने में स्थित कारागार में गंदगी और अव्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराज़गी जताई और तत्काल साफ-सफाई व मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने की स्थिति ही शासन-प्रशासन की कार्य संस्कृति को दर्शाती है। वाहन जांच अभियान, वेरिफिकेशन ड्राइव और अपराध नियंत्रण से जुड़े अभियानों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असंतोष जताते हुए विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए। उनके निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून तत्काल पुलिस स्टेशन पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनहित में सख्त से सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।







