
देहरादून: कोरोनाकाल के दौरान पैरोल पर रिहा होने के बाद जेल न लौटने वाले सात अपराधियों को पुलिस ने पांच साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी बंदी वर्ष 2020 के पहले लॉकडाउन के दौरान अस्थायी रूप से रिहा किए गए थे, लेकिन तय अवधि पूरी होने के बावजूद वापस जेल नहीं पहुंचे। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत इन अपराधियों को विभिन्न जनपदों से दबोचा गया है। इस कार्रवाई से लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के दौरान जेलों में भीड़ कम करने के उद्देश्य से सरकार ने अप्रैल माह में 891 विचाराधीन और सजायाफ्ता बंदियों को पैरोल पर रिहा करने के आदेश दिए थे। इस दौरान कई बंदी तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जेल नहीं लौटे और फरार हो गए। बाद में पुलिस ने इनमें से कई को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेजा, जबकि कुछ लंबे समय तक फरार बने रहे।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस मुख्यालय की ओर से सात दिसंबर से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान इमरान और तौफीक (निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार), सुमित देवली (धाराचौकी), अरविंद कुमार (शिवमूर्ति, वाल्मीकि बस्ती, देवबंद), नंदन सिंह कुंजवाल (जैन प्लाट, रायपुर) और परवेज (नई बस्ती, कुड़कावाला, डोईवाला) को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में एक अन्य व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
कुछ नागरिकों ने बताया कि पैरोल के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई जरूरी थी, जिससे कानून का भरोसा बना रहे।
फरार अपराधियों पर व्यापक कार्रवाई
पुलिस ने विभिन्न मामलों में फरार चल रहे 254 अपराधियों में से 128 को मात्र एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इनमें तीन इनामी अपराधी भी शामिल हैं। हाल ही में टिहरी पुलिस ने हत्या के मामले में फरार 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी को भी दबोचा था। इसके अलावा नौ अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है।
गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति जब्ती
विशेष अभियान के तहत गैंगस्टर एक्ट में 13 आरोपितों को चिह्नित कर उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। नशा तस्करी के मामलों में तीन आरोपितों की अवैध रूप से अर्जित लगभग 14.52 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। इसके अलावा अन्य अपराधों से अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले 28 आरोपितों की पहचान कर जब्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अधिकारियों का बयान
गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने बताया कि लंबे समय से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में ही 254 फरार अपराधियों में से 128 की गिरफ्तारी की गई है, जिनमें कोरोनाकाल के दौरान फरार हुए सात बंदी भी शामिल हैं।
आगे क्या?
पुलिस का कहना है कि शेष फरार अपराधियों की तलाश के लिए दबिश लगातार जारी रहेगी। साथ ही इनामी और संगठित अपराध से जुड़े आरोपितों की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी तेज की जाएगी।





