
रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पर्यटकों को ठगने वाली फर्जी वेबसाइटों और ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने कहा कि कुछ वेबसाइटें खुद को पार्क की आधिकारिक साइट बताकर लोगों से पैसे लेकर धोखाधड़ी कर रही हैं। प्रशासन ने ऐसी साइटों को चिन्हित कर ब्लॉक करने और कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, उत्तराखंड का सबसे लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थल है, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों सैलानी पहुंचते हैं। हाल के वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं, जिसमें फर्जी एजेंट और वेबसाइटें पर्यटकों से बड़ी रकम लेकर गायब हो गईं। इन घटनाओं ने पार्क प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
आधिकारिक बयान
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने कहा —
“ऐसे फर्जी एजेंटों और वेबसाइटों की पहचान की जा रही है जो खुद को पार्क की आधिकारिक वेबसाइट बताकर पर्यटकों से पैसे ठग रहे हैं। सभी फर्जी साइटों को ब्लॉक कराया जा रहा है और दोषियों पर वैधानिक कार्रवाई होगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब किसी भी जिप्सी वाहन पर निजी वेबसाइट या एजेंसी का नाम नहीं लिखा जाएगा। केवल कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की आधिकारिक वेबसाइट corbettgov.org का ही पता अंकित किया जाएगा, ताकि किसी तरह का भ्रम या फर्जीवाड़ा न हो।
पर्यटकों से अपील
कॉर्बेट प्रशासन ने पर्यटकों से अनुरोध किया है कि वे केवल सरकारी वेबसाइट corbettgov.org से ही सफारी और बुकिंग कराएं। डॉ. बडोला ने कहा कि —
“फर्जी वेबसाइटों से बुकिंग कराने वालों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में ठगी की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इसलिए किसी भी एजेंट या निजी पोर्टल से सावधान रहें।”
कॉर्बेट पार्क के सफारी जोन
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में कुल 8 सफारी जोन हैं —
ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला, दुर्गादेवी, सोननदी, गर्जिया और पाखरो।
इनमें से ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला और दुर्गादेवी जोन सबसे लोकप्रिय हैं।
कुछ जोन जैसे झिरना, ढेला और गर्जिया पूरे वर्ष खुले रहते हैं, जबकि अन्य जोन मानसून के दौरान बंद रहते हैं।
हर साल हजारों सैलानी इन जोनों में वन्यजीवों और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करने पहुंचते हैं। प्रशासन की यह नई पहल पर्यटकों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ट्रैवल गाइड और जिप्सी चालकों ने इस कदम का स्वागत किया है। एक गाइड ने कहा —
“कॉर्बेट की छवि खराब करने वाले फर्जी एजेंटों पर कार्रवाई जरूरी थी। अब पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा।”







