
देहरादून: नए साल 2026 की शुरुआत उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। पीएनजी और सीएनजी के दाम में एक रुपये की कटौती की गई है, जो बुधवार रात 12 बजे के बाद देशभर में लागू हो गई। गैस की कीमतों में इस कमी से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ वाहन चालकों को भी सीधा फायदा मिलेगा। बढ़ती महंगाई के बीच यह राहत इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि रोजमर्रा के खर्च पर इसका सीधा असर पड़ता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बीते कुछ समय से ऊर्जा और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में नए साल की शुरुआत में गैस के दाम घटने से उपभोक्ताओं को राहत मिली है। पीएनजी का उपयोग जहां घरेलू रसोई में बढ़ रहा है, वहीं सीएनजी बड़ी संख्या में टैक्सी और निजी वाहनों का ईंधन बन चुकी है।
आधिकारिक जानकारी
गेल गैस इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक अंबुज गौतम ने बताया कि नई दरें बुधवार रात 12 बजे के बाद लागू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) प्रति मानक घन मीटर और सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) प्रति किलोग्राम एक रुपये सस्ती हुई है। नई दरों से उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी।
नई दरें क्या होंगी
कीमतों में कटौती के बाद गुरुवार से पीएनजी की दर 44 रुपये प्रति मानक घन मीटर और सीएनजी की दर 98.05 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। नए साल की शुरुआत में दाम घटने से घरेलू बजट और परिवहन खर्च दोनों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
पूरे देश में एक समान दर
इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब पूरे देश में सीएनजी और घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए एक समान कम दर लागू होगी। गैस स्रोत से दूरी चाहे जितनी भी हो, सभी क्षेत्रों में जोन-1 की दर ही लागू की जाएगी। यह दर लगभग 54 रुपये प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MMBTU) तय की गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस के दाम कम होने से घरेलू खर्च में थोड़ी राहत मिलेगी। वाहन चालकों और टैक्सी चालकों ने भी इसे सकारात्मक कदम बताया है, क्योंकि सीएनजी सस्ती होने से रोजाना का खर्च कम होगा।
आगे क्या होगा
ऊर्जा कंपनियों के अनुसार, भविष्य में गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और आपूर्ति की स्थिति के आधार पर दरों की समीक्षा होती रहेगी। फिलहाल नए साल की शुरुआत में मिली यह राहत उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है।





