
चौखुटिया (अल्मोड़ा): उपजिला चिकित्सालय की मांग को लेकर चल रहा चौखुटिया का आंदोलन सोमवार को उस समय 20 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया, जब आंदोलनकारियों की मुख्यमंत्री से वीडियो कॉल पर विस्तृत वार्ता हुई। मुख्यमंत्री ने प्रमुख मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई और आवश्यक प्रक्रियाएँ तत्काल आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चौखुटिया क्षेत्र में लंबे समय से उपजिला चिकित्सालय की मांग उठती रही है। सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण स्थानीय लोगों को गंभीर परिस्थितियों में भी दूरस्थ स्थानों पर इलाज के लिए जाना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर कई दिनों से आंदोलन जारी था, जिसे अब मुख्यमंत्री की हस्तक्षेप के बाद स्थगित किया गया है।
आधिकारिक जानकारी
वीडियो वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि उपजिला चिकित्सालय के लिए आवश्यक टोकन मनी शीघ्र जारी की जाएगी, ताकि निर्माण और अन्य प्रक्रियाएँ तेजी से आगे बढ़ सकें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
उनका कहना था कि “सभी जायज़ मांगों को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही इसका असर दिखाई देगा।”
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और आंदोलनकारियों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
एक आंदोलनकारी ने कहा कि “यदि आश्वासन तय समय में पूरा होता है तो चौखुटिया क्षेत्र की बड़ी समस्या हल हो सकती है।”
व्यापारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधा मजबूत होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था और जनसुविधा दोनों को फायदा होगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी
स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े एक विशेषज्ञ का कहना है कि उपजिला चिकित्सालय बनने से क्षेत्र में आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और रेफरल के मामलों में भारी कमी आएगी।
आंकड़े और तथ्य
- आंदोलन कई दिनों से जारी था।
- वीडियो वार्ता में भुवन कठायत, अशोक कुमार, उप जिलाधिकारी सुनील कुमार राज सहित अधिकारी मौजूद रहे।
- आंदोलन 20 दिनों के लिए स्थगित किया गया है।
आगे क्या?
आने वाले 20 दिनों में सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों पर कितना काम होता है, इस पर स्थानीय निवासियों की नज़र रहेगी। यदि टोकन मनी जारी होती है और नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होती है, तो यह आंदोलन स्थायी रूप से समाप्त हो सकता है।
फिलहाल आंदोलनकारी सरकार से अपनी मांगों पर त्वरित प्रगति की उम्मीद कर रहे हैं।






