
देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। हर वर्ष की तरह अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा शुरू होगी। संभावित रूप से 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम तथा 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। आगामी यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चारधाम यात्रा के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों, कठिन मौसम और अधिक भीड़ के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बीते वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार राज्य सरकार ने यात्रा से पहले ही चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया है।
आधिकारिक जानकारी
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में चारधाम यात्रा के मद्देनजर चिकित्साधिकारियों का एक पृथक कैडर बनाने के निर्देश दिए। इस कैडर में विशेषज्ञ चिकित्सकों के आवश्यक पद शामिल किए जाएंगे। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में प्रस्ताव शीघ्र कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख योजनाएं
बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के बांडधारी चिकित्सकों के लिए पीजी कोर्स हेतु पृथक अध्ययन नीति बनाई जाएगी, ताकि उनकी पढ़ाई के दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। पीजी कोर्स पर जाने वाले चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए 250 चिकित्सकों का एक रिजर्व पूल बनाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में लाया जाएगा।
इसके साथ ही लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट पदों के पुनर्गठन, स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक कैडर, प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन के गठन और विशेषज्ञ चिकित्सकों के पृथक कैडर से जुड़े प्रस्तावों को भी शीघ्र कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं पर फोकस
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उच्चीकृत और नवसृजित उप जिला चिकित्सालयों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नए पद सृजित करने का प्रस्ताव भी जल्द लाया जाएगा। इसका उद्देश्य दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
आगे क्या होगा
बैठक में आयुष्मान योजना के अंतर्गत लंबित बिलों के भुगतान और गोल्डन कार्ड धारकों की समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी चिकित्सा इकाइयों और मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने, गैरहाजिर चिकित्सकों पर कार्रवाई करने, स्वच्छता और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।






