
देहरादून: इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हो रही चारधाम यात्रा से पहले परिवहन किरायों में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं। डीजल, बीमा और रखरखाव खर्च बढ़ने का हवाला देते हुए संयुक्त रोटेशन के तहत यात्रा संचालित करने वाली बस कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों ने किराये में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि की मांग की है। सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह प्रस्तावित राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की बैठक में इस पर निर्णय हो सकता है और करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
परिवहन विभाग ने वर्ष 2022 में पहली बार चारधाम यात्रा के लिए वाहनों का किराया अलग श्रेणी में निर्धारित किया था। सामान्य व्यावसायिक वाहनों से अलग मानते हुए यात्रा वाहनों का किराया वाहन की श्रेणी के अनुसार तय किया गया था।
टैक्सियों को कीमत के आधार पर साधारण, डीलक्स, लग्जरी और सुपर लग्जरी श्रेणी में बांटा गया है। वर्तमान में किराया प्रति किमी के आधार पर तय है, जबकि प्रतीक्षा शुल्क अलग से निर्धारित किया गया है।
बसों के लिए भी 20 सीटर से लेकर 45 सीटर तक अलग-अलग श्रेणियों में किराया और प्रतीक्षा शुल्क लागू है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टरों की मांग पर अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। रिपोर्ट में किराया वृद्धि पर विचार करने की संस्तुति की गई है।
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि पिछले चार वर्षों से किराया नहीं बढ़ाया गया है। डीजल, बीमा और उपकरणों की लागत में वृद्धि के कारण ट्रांसपोर्टर लगातार किराया बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं। अंतिम निर्णय एसटीए की बैठक में लिया जाएगा।
इसके साथ ही उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों, स्कूली बसों और वैन के किराये में भी वृद्धि पर विचार हो रहा है। निगम इस समय आर्थिक दबाव से गुजर रहा है और निजी ऑपरेटर भी समान तर्क दे रहे हैं।
वर्तमान किराया संरचना (संक्षेप में)
चारधाम और हेमकुंड यात्रा के लिए बसों का किराया सीट क्षमता और श्रेणी के आधार पर प्रति किमी तय है। 21 से 45 सीटों वाली बसों के लिए साधारण, डीलक्स और एसी श्रेणियों में अलग-अलग दरें लागू हैं।
टैक्सी किराया मैदानी और पर्वतीय मार्गों के आधार पर तय है। साधारण टैक्सी के लिए मैदानी मार्ग पर प्रति किमी 16 रुपये और पर्वतीय मार्ग पर 18 रुपये दर लागू है, जबकि सुपर लग्जरी टैक्सी के लिए यह दर क्रमशः 35 और 40 रुपये प्रति किमी है। प्रतीक्षा शुल्क श्रेणी के अनुसार अलग से लिया जाता है।
भार क्षमता बढ़ाने की तैयारी
पर्वतीय मार्गों पर वाहनों की भार क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में 16200 किलोग्राम कुल भार की अनुमति है, जिसे बढ़ाकर 18500 किलोग्राम करने पर विचार हो रहा है। यह प्रस्ताव भी एसटीए बैठक में रखा जाएगा।
प्रदेश में ऑल वेदर रोड और अन्य निर्माण परियोजनाओं के चलते भारी वाहनों की मांग बढ़ी है। ऐसे में भार सीमा संशोधन पर भी निर्णय संभावित है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून और ऋषिकेश के ट्रैवल ऑपरेटरों का कहना है कि बढ़ती लागत को देखते हुए किराया वृद्धि जरूरी है, अन्यथा संचालन मुश्किल हो जाएगा। वहीं कुछ यात्रियों ने चिंता जताई है कि किराया बढ़ने से यात्रा का बजट प्रभावित होगा।
आगे क्या होगा
अगले सप्ताह प्रस्तावित एसटीए बैठक में किराया वृद्धि और भार क्षमता संशोधन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। निर्णय के बाद नई दरें लागू की जा सकती हैं।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
यदि आपके क्षेत्र में कोई घटना, समस्या या जानकारी हो तो हमें ईमेल या फोटो/वीडियो भेजें —
📩 rishikeshnews.com@gmail.com




