
देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से बार-बार बाधित होने वाले मार्गों पर अब आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित ठहरने की सुविधा मिलेगी। आपदा प्रबंधन विभाग ने चारधाम यात्रा मार्गों पर 10 डिजास्टर शेल्टर बनाने का निर्णय लिया है, ताकि सड़क बंद होने या आपदा की स्थिति में यात्रियों को खाने-पीने और ठहरने की बुनियादी व्यवस्था मिल सके। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हर साल मानसून के दौरान हजारों श्रद्धालु घंटों – दिनों तक मार्ग खुलने का इंतजार करने को मजबूर हो जाते हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते आपदा जैसी स्थितियां अक्सर बनती रहती हैं। खासकर मानसून सीजन में पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और भारी बारिश से सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। चारधाम यात्रा हर साल अप्रैल–मई से शुरू होकर नवंबर तक चलती है और इसी अवधि में कई बार श्रद्धालुओं को रास्तों में फंसना पड़ता है। ऐसे हालात में अब तक यात्रियों के ठहरने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी।
आधिकारिक जानकारी
आपदा प्रबंधन विभाग ने ओडिशा में बने डिजास्टर शेल्टर को मॉडल मानते हुए उत्तराखंड में भी इसी तर्ज पर शेल्टर बनाने का फैसला किया है। यह शेल्टर केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि किसी भी आपदा के समय आम जनता के उपयोग में लाए जा सकेंगे। सामान्य दिनों में इन्हें मल्टीपरपज हॉल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में चारधाम मार्गों पर जाम और भूस्खलन आम बात हो गई है। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि कई बार श्रद्धालु खुले में घंटों खड़े रहते हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को खास परेशानी होती है। ऐसे में स्थायी शेल्टर बनने से यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को राहत मिलेगी।
विशेषज्ञ / अधिकारी का बयान
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट के तहत चारधाम यात्रा मार्गों पर करीब 10 डिजास्टर शेल्टर बनाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कार्यकारी संस्था का चयन कर लिया गया है। अब संबंधित जिलों से प्राप्त भूमि प्रस्तावों का निरीक्षण कर शेल्टर की जगह अंतिम रूप से तय की जाएगी।
आंकड़े / तथ्य
इन शेल्टरों के निर्माण के लिए वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट के जरिए करीब 39 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक शेल्टर में लगभग 400 लोगों के ठहरने की व्यवस्था होगी। शेल्टर संचालन के लिए एक अलग नियमावली भी तैयार की जाएगी।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार डीपीआर तैयार होने के बाद शेल्टर निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद स्थानों को अंतिम रूप दिया जाएगा। आने वाले समय में चारधाम यात्रा के दौरान आपदा की स्थिति में इन शेल्टरों को सक्रिय रूप से उपयोग में लाया जाएगा।







