
चंपावत: बाराकोट ब्लॉक के चुयरानी ग्राम सभा के धरगड़ा में मंगलवार सुबह तेंदुए ने शौच गए 42 वर्षीय देव सिंह अधिकारी पर हमला कर उनकी जान ले ली। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश फैल गया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और वन विभाग से तेंदुए को आदमखोर घोषित कर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चंपावत जिले के कई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ बढ़ रही हैं। तेंदुओं की बढ़ती गतिविधियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चिंताएँ पैदा कर रही हैं। धरगड़ा क्षेत्र में इससे पहले भी तेंदुए के दिखने की सूचनाएँ मिली थीं, जिससे ग्रामीण लंबे समय से भय में जी रहे थे।
आधिकारिक जानकारी
मंगलवार सुबह देव सिंह अधिकारी रोज की तरह घर से थोड़ी दूरी पर शौच के लिए गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में गंभीर चोटें आने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
सूचना मिलते ही काली कुमाऊं रेंज के वन दरोगा प्रकाश गिरी गोस्वामी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले का निरीक्षण शुरू किया।
वन विभाग ने फिलहाल जांच शुरू कर दी है, हालांकि अधिकारी इस चरण पर किसी भी आधिकारिक टिप्पणी से बचते दिखाई दिए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए का आतंक बढ़ रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
एक ग्रामीण ने कहा, “तेंदुआ अक्सर गांव के पास घूमता है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में है। अब हम चाहते हैं कि इसे आदमखोर घोषित कर कार्रवाई की जाए।”
स्थानीय महिलाओं ने घटना के बाद घरों से बाहर निकलने में डर महसूस करने की बात कही।
आंकड़े और तथ्य
चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में हर वर्ष तेंदुए के हमले की कई घटनाएँ सामने आती हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, खासकर उन इलाकों में जहाँ जंगल गाँवों से सटे हैं। तेंदुए के व्यवहार को समझने और उसकी गतिविधियों की निगरानी के लिए विभाग की टीमें तैनात की जा रही हैं।
आगे क्या?
ग्रामीणों की मांग है कि तेंदुए को आदमखोर घोषित कर जल्द से जल्द पिंजरे में कैद किया जाए या उसे मार गिराया जाए, ताकि आगे किसी अन्य जानमाल का नुकसान न हो।
वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने का आश्वासन दिया है। विभाग जल्द ही क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर भी विचार कर रहा है।






