
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में थराली-डुंगरी मोटर मार्ग पर शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। नशे में धुत ड्राइवर की लापरवाही से टाटा सूमो वाहन अनियंत्रित होकर 30 मीटर गहरी खाई में गिर गया। गनीमत रही कि पुलिस और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई से वाहन में सवार 10 यात्रियों की जान बच गई। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में भर्ती कराया गया। ड्राइवर के खिलाफ नशे में वाहन चलाने के लिए कार्रवाई शुरू की गई है।
हादसे का विवरण
हादसा थराली-डुंगरी मोटर मार्ग पर प्राणमती के समीप दोपहर को हुआ। टाटा सूमो (वाहन संख्या UK 11TA 1180) थराली से डुंगरी की ओर जा रहा था। वाहन में 4 महिलाएं, 4 पुरुष, और 2 छोटे बच्चे सवार थे। अचानक ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया, और वाहन सड़क से लुढ़ककर 30 मीटर नीचे खाई में जा गिरा। हादसे के बाद क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय निवासी रमेश नेगी ने बताया, “वाहन के खाई में गिरते ही हमने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।” 2024 की एक सड़क सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, चमोली में 25% सड़क हादसे ड्राइवर की लापरवाही और नशे के कारण हुए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थानीय लोगों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और थराली पुलिस को सूचना दी। तहसील प्रशासन और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। सभी 10 यात्रियों को सुरक्षित निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली ले जाया गया। गनीमत रही कि सभी को हल्की चोटें आईं, और कोई गंभीर घायल नहीं हुआ।
थराली पुलिस ने बताया कि रेस्क्यू में स्थानीय लोगों का सहयोग सराहनीय रहा। 2024 में चमोली में 50 से अधिक रेस्क्यू ऑपरेशन स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सफल हुए।
नशे में था ड्राइवर
हादसे का कारण ड्राइवर सेन सिंह (33 वर्ष, निवासी बूंगा, थराली) का नशे में वाहन चलाना पाया गया। पुलिस ने ड्राइवर का मेडिकल टेस्ट कराया, जिसमें शराब के नशे की पुष्टि हुई। थराली पुलिस ने बताया कि ड्राइवर के खिलाफ नशे में वाहन चलाने और लापरवाही के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय निवासी अनिल रावत ने कहा, “नशे में ड्राइविंग के कारण निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
प्रशासन की कार्रवाई
थराली पुलिस ने वाहन को खाई से निकालने की प्रक्रिया शुरू की और हादसे की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही और नशा मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने यात्रियों के बयानों के आधार पर मामले को दर्ज किया है।
2024 की पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में नशे में वाहन चलाने के कारण 15% सड़क हादसे हुए, जिसके खिलाफ सख्ती बढ़ाने की मांग हो रही है।






