
चमोली जिले के पोखरी विकासखंड में विद्यालय परिसर में भालू के हमले से घायल छात्र आरव से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फोन पर बातचीत कर उसका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने इस दौरान साहसी छात्राओं दिव्या और दीपिका की बहादुरी की खुले तौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उपचार व सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पोखरी क्षेत्र में हाल के दिनों में वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ने से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। विद्यालय परिसर में भालू के हमले की घटना ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, जिसके बाद प्रशासनिक सतर्कता की मांग तेज हुई।
आधिकारिक जानकारी
मुख्यमंत्री ने घायल छात्र आरव से बात कर उसके उपचार की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि उसे सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी और प्रशासन नियमित निगरानी बनाए रखेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री का सीधे संवाद करना भरोसा बढ़ाने वाला कदम है। अभिभावकों ने उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित माहौल में हो सके।
साहसी छात्राओं की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने घटना के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता दिखाने वाली छात्राओं दिव्या और दीपिका से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में जिस धैर्य और जिम्मेदारी का परिचय छात्राओं ने दिया, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
प्रशासनिक निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और वन विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से गश्त बढ़ाई जाए। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आबादी वाले इलाकों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर विश्वास कायम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन द्वारा स्कूल परिसरों के आसपास सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा भी की जाएगी।






