
चमोली: नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ और यौन शोषण के आरोप में पकड़े गए अतिथि शिक्षक यूनुस अंसारी को लेकर नया बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच में पता चला है कि मूल रूप से नजीबाबाद निवासी यूनुस के पास दो-दो स्थाई निवास प्रमाणपत्र मौजूद हैं, जिनमें एक चमोली जिले का है। इससे सरकारी प्रणाली, सत्यापन प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चमोली जिले के एक विद्यालय में नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ और यौन शोषण के मामले ने पहले ही जिले में आक्रोश फैला दिया था। अब आरोपी शिक्षक यूनुस अंसारी के दो स्थाई निवास प्रमाणपत्र मिलने से यह मामला और जटिल हो गया है। पहले भी उत्तराखंड में फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने और दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच न होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
आधिकारिक जानकारी
प्रशासनिक स्तर पर इस खुलासे के बाद मामले की पुष्टि और जांच को लेकर कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।
अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दो प्रमाणपत्र बन जाना सरकारी प्रक्रिया की कमजोरी को दर्शाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि “यदि कोई बाहरी व्यक्ति इतनी आसानी से स्थाई प्रमाणपत्र बनवा सकता है, तो मूल निवासियों के अधिकारों का क्या होगा?”
एक व्यापारी ने बताया कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि यह संभव है कि कई लोग इस तरह गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे हों।
विशेषज्ञ टिप्पणी
एक प्रशासनिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञ का मानना है कि यह स्पष्ट रूप से सत्यापन तंत्र में खामी का मामला है। उन्होंने कहा, “दो अलग-अलग जिलों या राज्यों में स्थाई प्रमाणपत्र जारी होना तभी संभव है जब दस्तावेज़ी जांच सही ढंग से न की गई हो। ऐसे मामलों में विभागीय जांच अनिवार्य है।”
आंकड़े और तथ्य
- आरोपी यूनुस अंसारी मूल रूप से नजीबाबाद का निवासी है।
- उसके पास चमोली जिले का स्थाई प्रमाणपत्र भी जारी पाया गया है।
- अधिकारी अभी तक मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दे पाए हैं।
आगे क्या?
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि आरोपी के स्थाई प्रमाणपत्र किस प्रक्रिया से बने, इसमें कौन-कौन अधिकारी शामिल थे, और क्या यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है—इसकी विस्तृत जांच की जाए। प्रशासन से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।







