
चकराता: हालिया बर्फबारी के बाद चकराता क्षेत्र में कई मोटर मार्गों पर यातायात धीरे-धीरे बहाल हो गया है, जिससे लोगों और पर्यटकों को राहत मिली है। हालांकि बर्फ पर पाला जमने से कई स्थानों पर फिसलन की स्थिति बनी हुई है, जिससे आवाजाही अभी भी जोखिम भरी है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय वाहन चालकों से पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। इसी बीच, क्षेत्र के करीब 40 गांव पिछले सात दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं, जिससे ग्रामीण जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
बर्फबारी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग चकराता–मसूरी–त्यूणी अंतर्गत आने वाले लोखंडी, कोटी कनासर और चुरानी मोटर मार्ग शुक्रवार को पूरी तरह बंद हो गए थे। संबंधित विभागों द्वारा लगातार किए गए प्रयासों के बाद सोमवार से कई मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। हालांकि देववन और मोइला टाप मार्ग पर पाला जमने से बर्फ पत्थर जैसी सख्त हो गई है, जिससे फिसलन बनी हुई है। इन मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही खोले जाने की बात कही गई है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और केवल सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। चकराता से लोखंडी तक जाने वाले मार्ग पर भी जगह-जगह पाला जमने के कारण वाहन चालकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और जोखिम वाले मार्गों पर निगरानी रखी जा रही है।
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स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें खुलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन बिजली गुल रहने से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ठंड के बीच अंधेरे में रहना मुश्किल हो गया है और जल्द बिजली बहाल होने की उम्मीद है।
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आंकड़े और तथ्य
पिछले शुक्रवार से बाधित विद्युत आपूर्ति अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। टाइगर फाल क्षेत्र के समोग गांव सहित आसपास के करीब 40 गांव सात दिन से अंधेरे में हैं। हाईटेंशन लाइन टूटने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। विद्युत उप खंड चकराता की टीमें दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम के चलते कार्य की गति धीमी बनी हुई है।
आगे क्या होगा
विद्युत विभाग का कहना है कि मौसम अनुकूल होते ही मरम्मत कार्य तेज किया जाएगा और प्रभावित गांवों में जल्द बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, सड़क विभाग देववन और मोइला टाप मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय लोगों के अनुसार, हर साल बर्फबारी के बाद चकराता क्षेत्र में सड़कें और बिजली आपूर्ति बाधित होती है। पाले और भारी बर्फ के कारण यातायात और विद्युत व्यवस्था को सामान्य होने में कई दिन लग जाते हैं।
पर्यटन की रौनक
दूसरी बर्फबारी के बाद चकराता के ऊंचाई वाले इलाकों में चटक धूप के बीच बर्फ से ढके पहाड़ों के विहंगम नजारे देखने को मिल रहे हैं। बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान से पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इस बार का पर्यटन सीजन रिकॉर्ड तोड़ साबित हो सकता है। प्रशासन ने यातायात प्रबंधन और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।







