
चकराता तहसील में गोली मारकर हत्या किए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। घटना 10 जनवरी की बताई जा रही है, जबकि पीड़ित पक्ष की तहरीर पर 12 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से बिना पोस्टमार्टम कराए मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी की संस्तुति पर जांच को राजस्व पुलिस से हटाकर रेगुलर पुलिस को सौंप दिया गया है, जिससे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मशक गांव निवासी परशुराम पुत्र मदी ने तहसील चकराता में दी गई लिखित तहरीर में बताया कि 10 जनवरी की शाम करीब चार बजे उनके पिता मदी पुत्र केसरू खरोडा से छानी कुमरावा की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में वे अपनी बेटी अनीता से फोन पर बातचीत करते हुए कुछ देर के लिए रुके थे।
आधिकारिक जानकारी
आरोप है कि ग्राम हरटाड, तहसील चकराता निवासी नोता राम पुत्र भादू ने पहले मदी के पैर में गोली मारी और फिर दूसरी गोली सीधे सीने में मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद कुछ ग्रामीणों द्वारा बिना शव परीक्षण कराए मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
प्रशासन का पक्ष
नायब तहसीलदार चकराता राजेंद्र लाल ने बताया कि परशुराम की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 238 में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए विवेचना अब राजस्व पुलिस से हटाकर नियमित पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पोस्टमार्टम किए अंतिम संस्कार किया जाना कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
त्यूणी क्षेत्र का दूसरा मामला
दूसरी ओर, देहरादून जिले के राजस्व क्षेत्र त्यूणी के ग्राम भूठ में 6 दिसंबर 2026 को प्रकाश, संजय और संदीप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में भी जांच को रेगुलर पुलिस को सौंप दिया गया है। इस संबंध में BNS की धारा 130(1) में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसआईटी गठित
मृतकों के परिजनों द्वारा एसआईटी से जांच कराए जाने की मांग के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक विकासनगर पंकज गैरोला कर रहे हैं। टीम में क्षेत्राधिकारी विकासनगर भास्कर लाल साह और प्रभारी निरीक्षक विकासनगर विनोद गुसाईं को शामिल किया गया है।
आगे क्या होगा
रेगुलर पुलिस और एसआईटी द्वारा दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





