
देहरादून। उत्तराखंड की प्रमुख निर्माण एजेंसी ब्रिडकुल के प्रबंध निदेशक एनपी सिंह को सरकार ने एक गंभीर शिकायत के बाद तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। शासन ने उन्हें उनके वर्तमान दायित्वों से अवमुक्त करते हुए लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव कार्यालय में संबद्ध कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद उच्च स्तर पर अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई की गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ब्रिडकुल राज्य की उन महत्वपूर्ण एजेंसियों में से एक है जो पुल, रोपवे, टनल और बड़े अवसंरचना विकास कार्यों को अंजाम देती है। ऐसे में एजेंसी के शीर्ष अधिकारी पर किसी भी तरह की गंभीर शिकायत का आना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। एनपी सिंह जून 2024 में ही ब्रिडकुल के प्रबंध निदेशक नियुक्त किए गए थे और इससे पहले लोक निर्माण विभाग में चीफ इंजीनियर के पद से सेवाएं दे चुके थे।
आधिकारिक जानकारी
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय को एक कंपनी द्वारा शपथ पत्र के माध्यम से भ्रष्टाचार से संबंधित गंभीर शिकायत भेजी गई थी। प्रारंभिक स्तर पर इस शिकायत को गंभीर मानते हुए सरकार ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। आदेश में कहा गया है कि प्रबंध निदेशक जैसे उच्च पद पर रहते हुए जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पद से हटाना आवश्यक था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आरोपों की प्रकृति अत्यंत गंभीर है और उच्च स्तरीय जांच कराई जानी जरूरी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिडकुल जैसे महत्वपूर्ण विभाग में किसी भी शीर्ष अधिकारी पर आरोप लगना पूरे सिस्टम के प्रति विश्वास को प्रभावित करता है। कई लोगों ने कहा कि यदि शिकायतें सही साबित होती हैं, तो यह राज्य के बड़े प्रोजेक्ट्स और निर्माण कार्यों की विश्वसनीयता पर भी असर डाल सकता है। वहीं कुछ लोग इसे शासन की त्वरित कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं, जो पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करती है।
विशेषज्ञ टिप्पणी
प्रशासनिक मामलों के जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में अधिकारी को पद से हटाना जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, ताकि किसी भी तरह का प्रभाव न पड़े। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना मामले को और अधिक पारदर्शी बना सकता है। सरकार भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रही है, ताकि आरोपों की सत्यता का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके।
आंकड़े / तथ्य
एनपी सिंह के कार्यकाल में ब्रिडकुल कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा था, जिनमें पुल निर्माण, टनल, रोपवे और अन्य अवसंरचना योजनाएँ शामिल हैं। शिकायत में किन प्रोजेक्ट्स से संबंधित आरोप हैं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक रिपोर्ट में केवल आरोपों की गंभीरता का उल्लेख है।
आगे क्या?
अब यह मामला उच्च स्तरीय विभागीय जांच में जाएगा और संभव है कि एक स्वतंत्र एजेंसी से भी इसकी जांच कराई जाए। सरकार की मंशा है कि पूरे मामले की सत्यता बिना किसी संदेह के स्थापित हो। जांच के बाद ही यह तय होगा कि आरोपों में कितना दम है और आगे एनपी सिंह या विभाग के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे।






