
हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सोशल मीडिया पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, कुमाऊं की महिलाओं और देवी-देवताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक बयान देने के आरोप में सोशल मीडिया ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर हाथ में दराती लहराते हुए अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और समाज में तनाव का माहौल बना। इस मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए गए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ और आपत्तिजनक बयानों के मामलों में हाल के दिनों में उत्तराखंड में कई विवाद सामने आए हैं। विशेष रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर की गई टिप्पणियों को लेकर समाज में आक्रोश देखने को मिलता रहा है। हल्द्वानी का यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि इसमें स्थानीय संस्कृति, महिलाओं और देवी-देवताओं से जुड़ी भावनाओं के आहत होने का आरोप लगाया गया है।
आधिकारिक जानकारी
हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में एक महिला की तहरीर के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। शिकायतकर्ता जूही चुफाल, निवासी मल्ला ऊंचापुल हिम्मतपुर, ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ज्योति अधिकारी सार्वजनिक स्थल पर कुमाऊं की महिलाओं, स्थानीय संस्कृति और देवी-देवताओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करती दिखाई दे रही हैं।
पुलिस ने नोटिस जारी कर ज्योति अधिकारी को मुखानी थाने में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया। गुरुवार को थाने में उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
इस संबंध में एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया है और सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ भाषा के प्रयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो समाज में तनाव बढ़ाने का काम करते हैं। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को जरूरी बताया, जबकि कुछ का मानना है कि ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्ती जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति समाज को भड़काने का प्रयास न करे।
आंकड़े / तथ्य
इस मामले में पुलिस ने ज्योति अधिकारी से करीब 5.5 घंटे पूछताछ की। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े सभी वायरल वीडियो, सोशल मीडिया लाइव, डिजिटल साक्ष्य और बयान जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन वीडियो के जरिए जानबूझकर समाज में तनाव फैलाने का प्रयास किया गया। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






