
ऋषिकेश: भट्टोवाला और गुमानीवाला ग्राम सभाओं के निवासियों ने सोमवार को ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात कर अपने क्षेत्रों को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने बैराज कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि इन ग्राम सभाओं के कुछ वार्डों में लोग पिछले लगभग 70-75 वर्षों से वन विभाग की भूमि पर रह रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राजस्व ग्राम में शामिल नहीं किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से निवास के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाओं और वैधानिक अधिकारों से वंचित रहना पड़ रहा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
भट्टोवाला एवं गुमानीवाला ग्रामसभा के कुछ हिस्से वन भूमि की श्रेणी में आते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यहां कई परिवार पीढ़ियों से रह रहे हैं। उनका कहना है कि राजस्व ग्राम का दर्जा न मिलने के कारण भूमि संबंधी अधिकार, निर्माण कार्य, सरकारी योजनाओं का लाभ और अन्य प्रशासनिक सुविधाओं में दिक्कतें आती हैं।
इसी मांग को लेकर ग्रामसभा का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक से मिला और संबंधित वार्डों को राजस्व ग्राम में शामिल करने की अपील की।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने ग्रामीणों की बात को गंभीरता से सुना और क्षेत्र से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस विषय को संबंधित विभागों और शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा सकारात्मक समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में सत्यपाल सिंह राणा, दीपा राणा, गजेंद्र सिंह राणा, संजय पोखरियाल, दिनेश रावत, हरपाल राणा, गणेश राणा, अनिल बडोनी, जोतपाल सिंह राणा, जीतराम ममगाई और गोविंद सिंह मेहर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन वार्डों को राजस्व ग्राम में शामिल किया जाता है तो उन्हें कानूनी मान्यता के साथ विकास योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि वर्षों पुरानी इस मांग पर अब सकारात्मक पहल होगी।
आगे क्या होगा
मामले को शासन और संबंधित विभागों के समक्ष उठाए जाने के बाद ही आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया स्पष्ट होगी। यदि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो राजस्व विभाग की ओर से औपचारिक कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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