
गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में अक्षय ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां 54.10 लाख रुपये की लागत से स्थापित 100 केवीए सोलर पावर प्लांट का मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। इस परियोजना से विधानसभा को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध होगी, साथ ही हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए विद्युत ग्रिड पर दबाव भी कम होगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड में सरकारी परिसरों को अक्षय ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में ऊर्जा की बढ़ती मांग और पर्यावरण संरक्षण की जरूरत को देखते हुए सोलर पावर को एक प्रभावी विकल्प माना जा रहा है। इसी क्रम में भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में यह परियोजना स्थापित की गई है।
आधिकारिक जानकारी
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि यह सोलर पावर प्लांट उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के माध्यम से नेट मीटरिंग आधारित प्रणाली पर स्थापित किया गया है। इस संयंत्र से प्रतिमाह लगभग 12 हजार यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा। इससे विधानसभा को औसतन छह रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी।
स्थानीय / मानवीय पहलू
स्थानीय लोगों का कहना है कि भराड़ीसैंण जैसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में सोलर ऊर्जा का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि यह अन्य सरकारी संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।
आंकड़े / तथ्य
सोलर प्लांट से विधानसभा को प्रतिमाह करीब 72 हजार रुपये की बचत होगी, जबकि सालाना यह बचत लगभग 8.64 लाख रुपये आंकी गई है। परियोजना की कुल लागत 54.10 लाख रुपये है।
आगे क्या होगा
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भराड़ीसैंण उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के साथ राज्य की लोकतांत्रिक चेतना और पहाड़ की आत्मा का प्रतीक है। उनके कार्यकाल में विधानसभा परिसर के डिजिटाइजेशन, महिला सुरक्षा कर्मियों के लिए आधुनिक हॉस्टल, मीडिया हॉस्टल, अंतरराष्ट्रीय संसदीय अध्ययन व प्रशिक्षण संस्थान के संचालन जैसे कदम उठाए गए हैं। आने वाले समय में परिसर के सर्वांगीण विकास को और गति देने की योजना है।







