
रुड़की: हरिद्वार जिले के भगवानपुर ब्लॉक में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार को हटाया। नोटिस जारी होने के बाद भी जवाब न मिलने पर प्रशासन की टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की और भूमि को पुनः सरकारी कब्जे में लिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मुहिम तेज हो गई है। हरिद्वार जिला प्रशासन लगातार ऐसे अवैध निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई कर रहा है। पिछले कई महीनों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाया गया है।
औपचारिक जानकारी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि भगवानपुर ब्लॉक के ग्राम शहीदवाला ग्रांट में नसीम बानो पत्नी इकबाल हसन, निवासी देहरादून, द्वारा 0.0120 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मजार बनाकर कब्जा किया गया था। मामले की जांच के बाद संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी किया गया, लेकिन निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला।
गुरुवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो नोटिस के दबाव में अतिक्रमणकर्ता ने स्वयं ही मजार को हटाना शुरू किया। प्रशासन ने जमीन को खाली कराकर उसे पुनः सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्यवाहियां जारी रहेंगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों ने कहा कि वर्षों से क्षेत्र में अवैध निर्माण बढ़ रहे थे, जिससे विवादों की स्थिति भी बनती रही। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराना आवश्यक था। कई लोगों का कहना है कि इस सख्त कदम से भविष्य में अवैध कब्जों पर रोक लगेगी।
अन्य संबंधित कार्रवाई
प्रशासन ने बताया कि इससे पहले 26 नवंबर को पिरान कलियर के अब्दाल साहब रोड पर स्वास्थ्य विभाग की सरकारी भूमि पर बनी अवैध मजार को भी ध्वस्त किया गया था। नोटिस के बावजूद अभियुक्तों ने निर्माण नहीं हटाया, जिसके बाद तहसीलदार विकास अवस्थी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर चलाकर मजार को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
आगे क्या?
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जिस भी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण पाया जाएगा, वहां बिना देरी सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संसाधनों की सुरक्षा प्राथमिकता है और अतिक्रमण रोकने के लिए लगातार निरीक्षण और अभियान चलाए जाएंगे।






