
देहरादून: देहरादून वन प्रभाग की बड़कोट वन रेंज में शनिवार से बाघ गणना की शुरुआत हो रही है। वन रेंज में बाघों की मौजूदगी और उनकी संख्या का सटीक आकलन करने के लिए विभागीय कर्मचारियों को समूह बनाकर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। हाल के दिनों में क्षेत्र में भालू और हाथी से जुड़ी घटनाओं के मद्देनज़र वन विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए इस गणना को विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ करने का फैसला लिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में हाल ही में भालू के हमले से एक महिला के घायल होने और कुछ दिन पहले हाथी के हमले में एक बालक की मौत की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद वनकर्मी वन क्षेत्रों में विभागीय कार्यों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। इसी क्रम में बड़कोट वन रेंज में बाघ गणना को भी पूरी सतर्कता के साथ अंजाम दिया जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
वन विभाग के अनुसार बड़कोट वन रेंज में शनिवार से बाघ गणना शुरू की जा रही है। इस अभियान में वनकर्मियों को टीमों में बांटकर काम सौंपा गया है और गश्त बढ़ा दी गई है। गणना के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
गणना की प्रक्रिया
बाघों की गणना के लिए ट्रैक, पंजों के निशान और अन्य वैज्ञानिक तरीकों से आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। इन संकेतों के आधार पर क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी और उनकी संभावित संख्या का आकलन किया जाएगा, ताकि वन्यजीव प्रबंधन और सुरक्षा योजनाओं को बेहतर बनाया जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों के बीच इस तरह की गणना और निगरानी आवश्यक है। इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण मजबूत होगा, बल्कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारी का बयान
बड़कोट के वन क्षेत्राधिकारी डी.एस. रावत ने बताया कि शनिवार से बाघ गणना शुरू हो रही है। विभाग अलर्ट मोड में काम करेगा और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों को पूरी सावधानी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
बाघ गणना के आंकड़ों के आधार पर वन विभाग आगामी रणनीति तय करेगा। यदि क्षेत्र में बाघों की सक्रियता अधिक पाई जाती है, तो निगरानी और सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाएगा, ताकि वन्यजीवों के साथ-साथ स्थानीय आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





