
ऋषिकेश: ऋषिकेश के बापू ग्राम और आसपास के क्षेत्रों में वन भूमि विवाद को लेकर स्थानीय लोगों में असमंजस और चिंता का माहौल है। बापू ग्राम बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक से मुलाकात कर मामले के समाधान की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि क्षेत्र में लोग पिछले 70–80 वर्षों से निवास कर रहे हैं और अब उन्हें अपने आशियाने पर खतरे का डर सता रहा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्रतिनिधिमंडल ने बैराज मार्ग स्थित कैंप कार्यालय में विधायक प्रेमचंद अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि वर्षों से बसे परिवारों को अब वन भूमि विवाद के चलते बेदखली का भय है।
स्थानीय लोगों का तर्क है कि क्षेत्र में सरकार द्वारा स्कूल, सीवर लाइन, पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आबादी लंबे समय से स्थापित है।
प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर लोगों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं इस विषय पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लगातार वार्ता कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले का समाधान या तो सरकार के स्तर पर होगा या न्यायालय के माध्यम से। प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश जुगलान सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि प्रभावित परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील और न्यायसंगत निर्णय लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि लोग दशकों से यहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली की आशंका से असमंजस में हैं।
आगे क्या होगा
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से जल्द स्पष्ट नीति और समाधान की घोषणा की मांग की है। विधायक ने आश्वस्त किया है कि संबंधित पक्षों से बातचीत जारी है और सकारात्मक रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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