
देहरादून: बहादराबाद प्रकरण को लेकर सोमवार को हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता पुलिस मुख्यालय का घेराव करने के लिए निकले, लेकिन कनक चौक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने चौक पर ही बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। पुलिस द्वारा समझाने के प्रयासों के बाद भी जब कार्यकर्ता नहीं हटे, तो उन्हें हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया गया। यह प्रदर्शन 13 दिसंबर की एक घटना से जुड़ा है, जिसे लेकर संगठन ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हिंदू रक्षा दल के अनुसार, 13 दिसंबर को संगठन के राष्ट्रीय कानून सलाहकार संकेत कटारा हरिद्वार के बहादराबाद थाने में एक पीड़िता का बयान दर्ज कराने पहुंचे थे। इस दौरान थानाध्यक्ष को पूरे मामले की जानकारी दी गई थी। आरोप है कि थानाध्यक्ष के कथित ढीले रवैये के कारण थाने के बाहर मौजूद भीड़ ने संकेत कटारा की गाड़ी पर हमला कर दिया। इसी घटना के विरोध में संगठन ने प्रदर्शन का ऐलान किया था।
प्रशासनिक पक्ष
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर कनक चौक पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। मौके पर पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। बाद में उन्हें हिरासत में लिया गया और स्थिति सामान्य होने पर छोड़ दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच संबंधित स्तर पर की जा रही है। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं ने धार्मिक पाठ के माध्यम से अपनी बात रखने की कोशिश की। हालांकि, यातायात और आमजन की आवाजाही को देखते हुए पुलिस की सख्ती को जरूरी बताया जा रहा है।
आंकड़े / विवरण
प्रदर्शन में संगठन के कई कार्यकर्ता शामिल थे। उन्हें कनक चौक पर रोका गया और कुछ समय बाद हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया। कार्यकर्ताओं ने डीजीपी के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग की गई है।
आगे क्या होगा
संगठन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे आगे आंदोलन तेज करेंगे। वहीं, पुलिस प्रशासन के अनुसार कानून के दायरे में रहकर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।







