
चमोली: उत्तराखंड के भू वैकुंठ नगरी बदरीनाथ धाम में इन दिनों तीर्थयात्रियों और विभिन्न जिलों से आने वाली देव डोलियों की चहल-पहल से भक्तिमय माहौल है। श्री हरि नारायण प्रभु बदरीविशाल के दर्शन के लिए पहुंच रही देव डोलियां और श्रद्धालुओं की भीड़ ने बदरीपुरी को आध्यात्मिक, धार्मिक, और सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र बना दिया है। बदरी केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अनुसार, इस साल अब तक 15 लाख 798 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया है।
देव डोलियों से भक्तिमय बदरीपुरी
देव डोलियां विभिन्न ग्रामीण अंचलों से देव स्नान और दर्शन के लिए बदरीनाथ धाम पहुंच रही हैं। मंदिर परिसर में इन डोलियों के नृत्य और पूजन कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। बीकेटीसी ने डोलियों के लिए दर्शन, पूजन, और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। कार्तिक देव स्नान के अवसर पर देवरा यात्राओं और डोलियों के आवागमन ने बदरीपुरी को भक्ति के रंग में डुबो दिया है।
स्थानीय निवासी रमेश जोशी ने कहा, “देव डोलियों का आना और उनके नृत्य-पूजन का दृश्य बदरीनाथ को और भी पवित्र बनाता है। यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है।”
तीर्थयात्रियों की संख्या 15 लाख के पार
सुहावने मौसम के साथ बदरीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 16 अक्टूबर 2025 को 3,696 श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। बीकेटीसी के आंकड़ों के अनुसार, इस साल कपाट खुलने से अब तक 15 लाख 798 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 2024 की तुलना में यह संख्या 10% अधिक है, जब कुल 14 लाख श्रद्धालु आए थे।
ब्रह्म मुहूर्त से लेकर रात्रि शयन आरती तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। श्रद्धालु बदरीनाथ के साथ-साथ आसपास के रमणीय धार्मिक स्थलों जैसे माणा गांव और व्यास गुफा का भी भ्रमण कर रहे हैं।
बीकेटीसी की तैयारियां
बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया, “25 नवंबर 2025 को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। तब तक कार्तिक पूर्णमासी स्नान और दीपावली के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ की उम्मीद है।” बीकेटीसी ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, स्वच्छता, और आवास की व्यवस्था को मजबूत किया है। 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीकेटीसी ने पिछले साल 20,000 अतिरिक्त श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की थी, और इस साल भी तैयारी जोरों पर है।
चार धामों के कपाट बंद होने की तारीखें
चार धाम यात्रा के कपाट बंद होने की तारीखें इस प्रकार हैं:
- गंगोत्री धाम: 22 अक्टूबर 2025
- यमुनोत्री धाम: 23 अक्टूबर 2025
- केदारनाथ धाम: 23 अक्टूबर 2025
- बदरीनाथ धाम: 25 नवंबर 2025
सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
बदरीनाथ धाम, जो समुद्र तल से 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, चार धाम और पंच बदरी में प्रमुख स्थान रखता है। देव डोलियों की यात्रा और तीर्थयात्रियों की भीड़ उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को दर्शाती है। ऋषि प्रसाद सती ने कहा, “देव डोलियां और श्रद्धालु बदरीनाथ को आध्यात्मिक केंद्र बनाते हैं। हम सभी की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
भक्ति और पर्यटन का संगम
बदरीनाथ धाम में 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और देव डोलियों की चहल-पहल ने इसे भक्ति और पर्यटन का अनूठा केंद्र बना दिया है। कार्तिक पूर्णमासी और दीपावली के साथ यह उत्साह और बढ़ेगा। बीकेटीसी की तैयारियां और श्रद्धालुओं का उत्साह इस साल की यात्रा को ऐतिहासिक बना रहे हैं।







