
औली: पर्यटन नगरी औली में कड़ाके की ठंड अपने चरम पर है। शाम होते ही तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है और रात में पारा माइनस दो डिग्री तक पहुंच गया है। ठंड का असर इतना अधिक है कि स्कीइंग स्लोप में बहने वाला नाला भी जमने लगा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
इस साल पहाड़ों में बारिश की कमी के कारण सूखी ठंड बढ़ गई है। औली जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात के समय भारी पाला जम रहा है, जो सुबह तक बर्फीली परत में बदल जाता है। यह ठंड पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव जरूर देती है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए दैनिक गतिविधियाँ मुश्किल बनाती है।
औली में हालात
औली में बीती रात तापमान माइनस दो डिग्री तक पहुंच गया। यहां शाम ढलते ही बर्फीली हवा तेजी पकड़ लेती है। सुबह के समय जमीन पर सफेद पाले की मोटी परत साफ दिखाई देती है। स्कीइंग ट्रैक का नाला भी जमने लगा है, जिससे क्षेत्र में ठंड की तीव्रता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सूखी ठंड की वजह से शरीर पर कठोर प्रभाव पड़ रहा है और बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश में अगले दो दिनों में मौसम बदल सकता है।
– उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊपरी हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
– 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी की संभावना है।
सात और आठ दिसंबर को मौसम में बदलाव के चलते पहाड़ी जिलों में वर्षा और हिमपात होने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश और बर्फबारी होने पर तापमान में गिरावट तो आएगी, लेकिन सूखी ठंड से राहत मिलेगी, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर स्थिति मानी जाती है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
औली में मौजूद पर्यटकों ने कहा कि जमती हुई बर्फ और ठंडी हवाओं का अनुभव रोमांचित कर रहा है, हालांकि सुबह–शाम बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। वहीं स्थानीय व्यवसायियों का मानना है कि जल्द बर्फबारी होने पर स्कीइंग सीजन को गति मिलेगी और पर्यटन भी बढ़ेगा।
आगे क्या?
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अचानक तापमान गिरने पर उचित सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी पर्यटकों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करते समय मौसम अपडेट देखने की अपील की है।




