
देहरादून: एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना के विरोध में अठूरवाला संघर्ष समिति का धरना मंगलवार को लगातार 30वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परियोजना से जुड़े वास्तविक तथ्य, मुआवजा नीति और प्रभावितों की सुरक्षा के संबंध में सरकार कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं कर पा रही है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना पिछले कई महीनों से क्षेत्र में विवाद का विषय बनी हुई है। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों—जैसे भूमि मुआवजा, विस्थापन, सुरक्षा और पुनर्वास—पर उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इसी असमंजस और चिंताओं के बीच अठूरवाला में स्थानीय संघर्ष समिति ने धरना शुरू किया था, जो अब 30 दिनों से जारी है।
अधिकारिक जानकारी
समिति अध्यक्ष मनजीत साजवान ने कहा कि जब तक सरकार लिखित रूप में समाधान नहीं देती, धरना जारी रहेगा—चाहे यह 30 दिन चले या 300। उन्होंने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट विस्तार का लाभ जनता पर बिना सहमति के थोपने की कोशिश की जा रही है, जो स्वीकार्य नहीं है।
समिति की वरिष्ठ सदस्य सिला सजवाण ने भी प्रशासन पर गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की राय, सुरक्षा और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन जिला मुख्यालय तक ले जाया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि परियोजना की आधी-अधूरी जानकारी के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे केवल सरकार की पारदर्शी नीति और स्पष्ट योजना के बाद ही किसी निर्णय को स्वीकार करने पर विचार करेंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना से क्षेत्र का भविष्य जरूर जुड़ेगा, लेकिन यह जनता की सहमति और सुरक्षा को नजरअंदाज करके संभव नहीं है। कई लोगों ने कहा कि पिछले महीने से प्रशासन बातचीत कर रहा है, लेकिन केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, समाधान नहीं दिया जा रहा।
विशेषज्ञ टिप्पणी
विकास योजनाओं पर काम करने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तभी सफल होते हैं जब प्रभावित समुदाय को विश्वास में लिया जाए। पारदर्शी मुआवजा नीति और स्पष्ट संचार के बिना किसी भी परियोजना को आगे बढ़ाना सामाजिक तनाव बढ़ा सकता है।
संख्या और तथ्य
धरना 30 दिनों से लगातार जारी है। समिति के अनुसार अब तक प्रभावित क्षेत्र के अधिकांश परिवार परियोजना को लेकर असमंजस में हैं। धरना स्थल पर ध्यान सिंह, रेखा बबीता, हुकम सिंह पवार, ममता देवी और अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
आगे क्या होगा
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द स्पष्ट नीति जारी नहीं की, तो आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि मामले पर संवाद जारी है और जल्द समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।






