
श्रीनगर (गढ़वाल): राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद अपने गांव लौट रहे दिवंगत अंकिता भंडारी के माता-पिता एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, 8 जनवरी को श्रीनगर क्षेत्र के डोभ-श्रीकोट गांव के पास उनकी कार अचानक रुकने के दौरान एक भालू सामने आ गया। कार में अंकिता के माता-पिता के साथ चालक भी मौजूद था। यह घटना इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि क्षेत्र में पहले से ही जंगली जानवरों की सक्रियता को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोभ-श्रीकोट और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से भालू की आवाजाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में जंगलों से सटे गांवों में जंगली जानवरों का सड़क तक आ जाना अब आम होता जा रहा है, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी
इस घटना को लेकर अभी तक जिला प्रशासन या वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अधिकारी संपर्क में नहीं आए।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि डोभ-श्रीकोट गांव और आसपास के क्षेत्रों में एक भालू लंबे समय से सक्रिय है, जिससे लोगों में डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है।
आंकड़े / तथ्य
घटना 8 जनवरी की बताई जा रही है। भालू सामने आने के समय कार में 3 लोग सवार थे। डोभ-श्रीकोट क्षेत्र में बीते कुछ समय से भालू की गतिविधियों की कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
आगे क्या होगा
अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र भंडारी ने जिला प्रशासन और वन विभाग से क्षेत्र में सक्रिय भालू को पकड़ने या सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है। उम्मीद की जा रही है कि वन विभाग जल्द ही क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





