
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी एंगल को उजागर करने के लिए शुक्रवार को देहरादून के वसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को दी गई शिकायत की जांच के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की है। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चाओं में लंबे समय से इस मामले में वीआईपी संलिप्तता के आरोप लगाए जा रहे थे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रकरण से जुड़े कुछ पहलुओं को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। इंटरनेट मीडिया और सार्वजनिक विमर्श में यह आरोप लगाया जाता रहा है कि मामले से जुड़े कुछ साक्ष्य छिपाए या नष्ट किए गए। इन्हीं चर्चाओं के बीच वीआईपी कहे जा रहे अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग तेज होती गई।
आधिकारिक जानकारी
पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को दी गई शिकायत में पर्यावरणविद और पद्मभूषण सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि वर्तमान चर्चाओं में अंकिता भंडारी हत्याकांड से अलग एक स्वतंत्र अपराध में कुछ अज्ञात व्यक्तियों, जिन्हें वीआईपी कहा जा रहा है, की संलिप्तता का आरोप लगाया जा रहा है।
शिकायत के आधार पर पुलिस महानिदेशक ने मामले की जांच एसएसपी देहरादून अजय सिंह को सौंपी। इसके बाद थानाध्यक्ष वसंत विहार को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए और गृह विभाग को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की संस्तुति की गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सभी तथ्यों का सामने आना जरूरी है। लोगों को उम्मीद है कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच होने पर वीआईपी एंगल को लेकर उठ रहे सभी सवालों का स्पष्ट जवाब मिल सकेगा।
आंकड़े / तथ्य
यह मुकदमा शुक्रवार को वसंत विहार थाने में दर्ज किया गया। मामले की जांच एसएसपी देहरादून के स्तर से कराई गई। इसी एफआईआर के आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा जांच शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
आगे क्या होगा
सूत्रों के अनुसार, दर्ज एफआईआर के आधार पर सीबीआई औपचारिक रूप से जांच शुरू करेगी। जांच में कथित वीआईपी एंगल से जुड़े सभी आरोपों, साक्ष्यों और पूर्व जांच की प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच एजेंसी की ओर से आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।







