
हरिद्वार: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी वीआईपी कंट्रोवर्सी में शुक्रवार 9 जनवरी को हरिद्वार में अहम घटनाक्रम सामने आया। पूर्व विधायक सुरेश राठौर हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक मिलने के बाद एसआईटी के सामने पेश हुए। उन्हें पूछताछ के लिए एसओजी कार्यालय बुलाया गया, जहां करीब पांच घंटे तक सवाल-जवाब हुए। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद हत्याकांड में फिर से वीआईपी एंगल पर बहस तेज हो गई है, जिससे जांच की दिशा और पारदर्शिता को लेकर जन-अपेक्षाएं बढ़ी हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड पहले से ही प्रदेश के सबसे संवेदनशील मामलों में शामिल रहा है। हाल के दिनों में सामने आई कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के बाद इस केस में वीआईपी कंट्रोवर्सी का मुद्दा फिर उभर आया, जिसके चलते राजनीतिक बयानबाजी और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज हुई। इस संदर्भ में एसआईटी की सक्रियता और संबंधित व्यक्तियों की पेशी को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
एसआईटी के अनुसार, वीआईपी कंट्रोवर्सी मामले में सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार के बहादराबाद और झबरेड़ा थानों में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा देहरादून के नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों में भी दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इन चारों मामलों में हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिल चुकी है और गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक है।
पूछताछ के बाद सुरेश राठौर ने पूरे मामले को साजिश बताते हुए कहा कि कथित ऑडियो प्रकरण के पीछे उर्मिला सनावर की भूमिका है और ऑडियो की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस बीच, जांच से जुड़े अन्य सवालों पर अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा हर नया तथ्य लोगों की संवेदनाओं को झकझोर देता है। आमजन को उम्मीद है कि एसआईटी की जांच और आगे की कार्रवाई से इस बार पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
आंकड़े / तथ्य
एसआईटी ने सुरेश राठौर से लगभग 5 घंटे पूछताछ की। इस प्रकरण में देहरादून और हरिद्वार में कुल 4 मुकदमे दर्ज हैं। 7 जनवरी को उर्मिला सनावर और 8–9 जनवरी को संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए गए।
आगे क्या होगा
जांच एजेंसी दोनों पक्षों के बयानों, मोबाइल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। शुक्रवार 9 जनवरी को उर्मिला सनावर को अदालत में अपना मोबाइल जमा करना था, लेकिन उन्होंने एक दिन का अतिरिक्त समय मांगा, जिस पर जांच अधिकारी की ओर से न्यायालय में पत्र प्रस्तुत किया गया।
इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की संस्तुति भी दी है, जिससे आने वाले दिनों में जांच की प्रक्रिया और दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।





