
हरिद्वार: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ऑडियो–वीडियो को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने हरिद्वार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर अपनी सफाई दी है। राठौर ने एक्ट्रेस उर्मिला सनावर पर 50 लाख रुपये की ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि ब्लैकमेल करने के बाद भी वह बाज नहीं आ रही हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने की मांग की है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े ऑडियो–वीडियो हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिसके बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस प्रकरण में कई आरोप–प्रत्यारोप सामने आ चुके हैं और मामला पुलिस जांच के दायरे में है।
आरोप और सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरेश राठौर ने कहा कि उर्मिला सनावर उन्हें लगातार ब्लैकमेल कर रही हैं और कथित तौर पर मुंबई में घर खरीदने के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये लिए गए। उनका दावा है कि इस रकम की व्यवस्था के लिए उन्हें अपनी फैक्ट्री तक बेचनी पड़ी। राठौर ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला कांग्रेस की साजिश है और उर्मिला को कांग्रेस के “एजेंट” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
कॉल डिटेल जांच की मांग
पूर्व विधायक ने कहा कि यदि उर्मिला सनावर और कांग्रेस नेताओं की कॉल डिटेल की जांच की जाए तो कई नाम सामने आएंगे। उन्होंने खुद को हर तरह की जांच के लिए तैयार बताते हुए कहा कि सत्य सामने आना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
छवि धूमिल करने का आरोप
राठौर ने कहा कि उर्मिला सनावर सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के जरिए उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि खराब करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह वास्तव में उनकी पत्नी होने का दावा करती हैं तो उन्हें अदालत का सहारा लेना चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर चरित्र हनन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ “कालनेमी” जैसे शब्दों का प्रयोग कर बदनाम किया गया।
पुलिस कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व विधायक ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में यदि जांच के बाद वह दोषी पाए जाते हैं तो जेल जाने के लिए भी तैयार हैं। साथ ही उन्होंने उर्मिला सनावर की तत्काल गिरफ्तारी और कथित फिरौती के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक आरोप–प्रत्यारोप
राठौर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के इशारे पर यह पूरा विवाद खड़ा किया गया है और यहां तक कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को तीन दिन में सरकार गिराने की धमकी तक दिए जाने की बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार बेहतर कार्य कर रही है।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े आरोपों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, सोशल मीडिया सामग्री और शिकायतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।





