
देहरादून: अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर इंटरनेट मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर पुलिस ने एक बार फिर स्थिति स्पष्ट की है। एसआईटी ने कहा है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की वीआईपी संलिप्तता नहीं पाई गई है। साथ ही, उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर के बीच बातचीत के प्रसारित ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए उसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में सभी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और जांच पूरी तरह निष्पक्ष व तथ्यपरक रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड राज्य के सबसे संवेदनशील मामलों में से एक रहा है। समय-समय पर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इस प्रकरण में वीआईपी एंगल और साक्ष्य नष्ट करने जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं, जिससे जनमानस में भ्रम की स्थिति बनती रही। इन्हीं अफवाहों को लेकर पुलिस ने फिर से तथ्य सामने रखे हैं।
आधिकारिक जानकारी
शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसआईटी के एसपी शेखर सुयाल और एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों, एसआईटी की विवेचना और तथ्यों के आधार पर तीनों आरोपितों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो कोई साक्ष्य नष्ट किया गया और न ही छिपाया गया। जिस कमरे को लेकर अफवाह फैलाई गई थी कि उसे साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तोड़ा गया, उस कमरे की वीडियोग्राफी सहित सभी साक्ष्य विधिवत रूप से न्यायालय में पेश किए गए हैं।
जांच के तथ्य और कार्रवाई
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ ही घंटों में तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी कर ली गई थी। तथाकथित वीआईपी एंगल सामने आने के बाद रिसॉर्ट में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की गई। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि जिस प्रकार की अफवाहें फैलाई गईं, वैसा कोई वीआईपी इस प्रकरण में शामिल नहीं है। रिसॉर्ट में कार्यरत सभी कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए और न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
एसआईटी का गठन और भूमिका
अंकिता भंडारी हत्या मामले में शासन द्वारा आईजी पी रेणुका देवी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई थी, जिसमें एसपी शेखर सुयाल भी शामिल थे। एसआईटी ने हर पहलू की जांच कर साक्ष्य एकत्र किए और उन्हें अदालत के समक्ष रखा। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष और विधिसम्मत जांच का ही परिणाम है कि तीनों दोषी आज भी जेल में हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस ने कहा है कि उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर के बीच वायरल ऑडियो की जांच जारी है। यदि जांच में कोई तथ्य या साक्ष्य सामने आते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें।







