
देहरादून/हल्द्वानी: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में आ गया है। मामले को लेकर लगातार बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस पार्टी ने विरोध का रुख तेज कर दिया है। देहरादून में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी महानगर कार्यालय की ओर कूच किया, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया। वहीं हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि देते हुए न्याय की मांग की।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड लंबे समय से उत्तराखंड की राजनीति में संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। समय-समय पर इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी होती रही है। हालिया घटनाक्रम में कांग्रेस ने एक बार फिर मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर सड़क पर उतरने का फैसला किया।
आधिकारिक जानकारी
देहरादून में 26 दिसंबर की सुबह यूथ कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वाति नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ता कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में एकत्र हुए। नारेबाजी करते हुए वे लैंसडाउन चौक के पास स्थित बीजेपी महानगर कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने कनक चौक पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। आगे बढ़ने के प्रयास में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस की प्रदेश महासचिव कविता माही, एनएसयूआई की रिया राणा और कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी भी मौके पर मौजूद रहीं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
हल्द्वानी में कैंडल मार्च
उधर हल्द्वानी में कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई और कहा कि कथित वीआईपी की भूमिका अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
दर्जा राज्य मंत्री दिनेश आर्य ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक वरिष्ठ बीजेपी नेता की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना था कि मामले में दोषियों को अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा दी जा चुकी है और कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है।
आगे क्या होगा
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी बयानबाजी फिलहाल थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाने की संभावना है, जबकि बीजेपी इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रही है।







