
अल्मोड़ा: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है। राज्यभर में न्याय की मांग को लेकर हो रहे आंदोलनों की कड़ी में अल्मोड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अल्मोड़ा बाजार में निकाले गए जुलूस के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक अंकिता भंडारी के हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से राज्य में जनआक्रोश बना हुआ है। समय-समय पर विभिन्न जिलों में प्रदर्शन और धरने हो रहे हैं। विपक्ष लगातार मामले में निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग करता रहा है। हालिया बयानों और खुलासों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
वीआईपी को लेकर उठे सवाल
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या के समय पूरा प्रदेश आंदोलनरत था। उन्होंने बताया कि अब एक पूर्व विधायक की पत्नी द्वारा कथित वीआईपी का नाम उजागर किया गया है। करन माहरा ने मांग की कि पुलिस और प्रशासन को तत्काल उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर पूछताछ करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
आधिकारिक जांच पर सवाल
करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए। उनका आरोप है कि अंकिता द्वारा व्हाट्सएप पर भेजे गए अंतिम संदेश में वीआईपी को “एक्स्ट्रा सर्विसेज” देने के दबाव का जिक्र था, लेकिन उस समय भी जांच को गंभीरता से नहीं लिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच होती तो आज भी कई सवाल अनुत्तरित न रहते। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने बताया कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के न्याय से जुड़ा है।
आंकड़े / डेटा
अल्मोड़ा बाजार में निकाले गए जुलूस में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी यह आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक मामले में सभी जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक दबाव बनाया जाता रहेगा।







