
ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हस्तक्षेप के बाद एम्स ऋषिकेश के कनिष्ठ प्रशासनिक सहायक सिद्धांत शर्मा के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने युवक से एम्स में नौकरी लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन न तो नियुक्ति मिली और न ही पूरी धनराशि वापस की गई। मामला पहले भी विवादों में रह चुका है, जिसके बाद पुलिस अब गंभीरता से जांच कर रही है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के कई मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नाम लेकर धोखाधड़ी होने से पीड़ित युवक ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग भी बेहद चिंतित हैं। पीड़ित ने महीनों तक विभागीय अधिकारियों और पुलिस से न्याय की गुहार की, लेकिन कोई ठोस परिणाम न मिलने पर मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा।
आधिकारिक जानकारी
ऋषिकेश कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक भगत सिंह रावत ने बताया कि सागर चौधरी नामक युवक की शिकायत पर आरोपी सिद्धांत शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया कि नौकरी दिलाने के बहाने 5.59 लाख रुपये की रकम ली गई।
शिकायत के अनुसार सागर चौधरी ‘इंट्राम्यूरल रिसर्च प्रोजेक्ट’ की जानकारी लेने एम्स पहुंचे थे, जहां उनकी आरोपी कर्मचारी से मुलाकात हुई। इसी दौरान नौकरी की पेशकश कर उनसे लाखों रुपये वसूले गए। कुछ समय बाद आरोपी ने दो लाख रुपये वापस कर दिए, लेकिन शेष राशि और नौकरी से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और एम्स कर्मचारियों के बीच इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रतिष्ठित संस्थान में कार्यरत कर्मचारी द्वारा ऐसी धोखाधड़ी से संस्थान की छवि धूमिल होती है। कई लोगों ने इस बात पर भी चिंता जताई कि यदि पीड़ित की शिकायत सीएम तक नहीं पहुंचती, तो कार्रवाई शायद अभी भी लंबित रहती।
विशेषज्ञ टिप्पणी
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि सिद्धांत शर्मा पर पहले भी ठगी जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। संस्थान ने सभी शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को सौंप दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अंतिम चरण में है और उसकी सेवाएं समाप्त होने की संभावना है।
आंकड़े / तथ्य
शिकायत राशि: ₹5.59 लाख
वापस की गई राशि: ₹2 लाख
शिकायतकर्ता: सागर चौधरी, निवासी ऋषिकेश
आरोपी: सिद्धांत शर्मा, कनिष्ठ प्रशासनिक सहायक, एम्स ऋषिकेश
आगे क्या?
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है। पीड़ित चाहता है कि उसकी बाकी राशि भी वापस दिलाई जाए और आरोपी को कानूनन सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसे मामले दोबारा न हों।






