
रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स स्टेडियम के विरोध में स्थानीय लोगों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने निर्माण स्थल के समीप रातभर भजन-कीर्तन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस बीच जिलाधिकारी प्रतीक जैन धरना स्थल पर पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत कर आश्वस्त किया कि मुनि महाराज से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं होने दिया जाएगा। डीएम ने समाधान निकालने के लिए संवाद का रास्ता अपनाने और फिलहाल निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगाने की बात कही।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अगस्त्यमुनि क्षेत्र में प्रस्तावित स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण को लेकर बीते कुछ दिनों से विवाद गहराया हुआ है। स्थानीय लोग इस स्थल को मुनि महाराज से जुड़ा पवित्र और ऐतिहासिक मानते हैं। इससे पहले भी निर्माण कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया था, जो अब लगातार तीसरे दिन जारी है।
आधिकारिक जानकारी
धरना स्थल पर पहुंचे जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि मुनि महाराज से संबंधित किसी भी तरह की धार्मिक भावना को ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी और यहां के धार्मिक महत्व से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों, स्थानीय युवाओं और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल स्टेडियम का निर्माण भी जरूरी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे त्रिभुवन चौहान ने कहा कि मुनि महाराज की भूमि को यथावत रखा जाए और स्टेडियम का निर्माण मैदान के पास खाली पड़ी भूमि पर किया जाए। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग अगले पांच दिनों तक धरना स्थल पर भजन-कीर्तन करते हुए शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे।
प्रशासन का रुख
डीएम प्रतीक जैन ने कहा कि स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच बातचीत कर बीच का रास्ता निकाला जाएगा। इसके लिए एक प्रतिनिधिमंडल को जिला कार्यालय में वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। डीएम ने यह भी कहा कि आगामी पांच दिनों तक किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा, ताकि बातचीत के जरिए समाधान खोजा जा सके। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ स्कूली बच्चे और युवा उनसे मिलकर स्टेडियम निर्माण की मांग कर रहे हैं।
आंकड़े / तथ्य
यह आंदोलन लगातार तीसरे दिन जारी रहा। इससे पहले सोमवार को केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल को ग्रामीणों द्वारा रोके जाने की घटना सामने आई थी, जबकि मंगलवार को ग्रामीण महिलाओं ने निर्माण स्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया था।
आगे क्या होगा
प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित वार्ता के बाद आगे की दिशा तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि समाधान ऐसा निकाला जाएगा जिससे विकास कार्य भी हों और स्थानीय लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत न हों।






