
रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि में मुनि महाराज की डोली से जुड़े हालिया विवाद के बाद शुक्रवार को प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान से क्षेत्र का माहौल गरमा गया। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने अचानक हुई कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि डोली विवाद के बाद जिला प्रशासन व्यापारियों को निशाना बना रहा है। स्थिति को संभालने और फैले असमंजस को दूर करने के लिए शनिवार को प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण चिन्हीकरण और नोटिस की प्रक्रिया सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसका किसी अन्य घटना से संबंध नहीं है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले दिनों महर्षि अगस्त्यमुनि महाराज की पारंपरिक देवरा यात्रा के दौरान मैदान के गेट को नुकसान पहुंचने की घटना हुई थी, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी। इसी बीच एनएच विभाग द्वारा बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण चिन्हीकरण, नोटिस और चालान की कार्रवाई शुरू हुई, जिसे स्थानीय लोगों ने डोली विवाद से जोड़कर देखा। इससे व्यापारियों में भ्रम और असंतोष बढ़ गया।
आधिकारिक जानकारी
असमंजस दूर करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में अगस्त्यमुनि क्रीड़ा भवन में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय व्यापारी, व्यापार संघ पदाधिकारी और नगर पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे।
सीडीओ ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने और चिन्हीकरण की कार्रवाई शासन के पूर्व निर्देशों के क्रम में की जा रही है। इसका उद्देश्य चारधाम यात्रा, विशेषकर केदारनाथ धाम यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, सिल्ली और विजयनगर सहित पूरे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर समान रूप से यह प्रक्रिया चल रही है और इसे किसी अन्य घटना से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने कहा कि बाजार क्षेत्र में नाली निर्माण प्रस्तावित है, इसी कारण जेसीबी लाई गई थी। तत्काल किसी प्रकार का अतिक्रमण तोड़ने का निर्णय नहीं है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अगस्त्यमुनि व्यापार संघ के अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी ने कहा कि बैठक से व्यापारियों में बनी असमंजस की स्थिति पूरी तरह दूर हो गई है। उन्होंने प्रशासन द्वारा समय रहते संवाद स्थापित करने को सराहनीय बताया। नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोस्वामी ने भी कहा कि प्रशासन और स्थानीय नागरिक मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास और व्यवस्था सुधार के लिए काम कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने वीडियो कॉल के माध्यम से व्यापारियों को आश्वस्त किया कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है और अफवाहों से बचने की अपील की। प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमण से संबंधित आगे की प्रक्रिया नियमानुसार और पर्याप्त समय देकर की जाएगी।
उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने स्पष्ट किया कि मुनि महाराज की डोली पर किसी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। कार्रवाई केवल उन तत्वों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने कानून व्यवस्था भंग करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया था। जिला प्रशासन ने दोहराया कि वह धार्मिक आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए मंदिर समिति के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रहा है।







