चमोली: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर 14 जनवरी को आदिबदरी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए सुबह साढ़े पांच बजे खोल दिए जाएंगे। कपाट उद्घाटन के साथ ही 14 से 20 जनवरी तक महाभिषेक समारोह और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति की बैठक में शुभ मुहूर्त की घोषणा की गई, जिससे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बन गया है। यह आयोजन स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
आदिबदरी धाम उत्तराखंड के प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान होते हैं। शीतकाल में सीमित समय के लिए कपाट खुलने के कारण यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।
आधिकारिक जानकारी
मंदिर समिति की बैठक में मंदिर के मुख्य पुजारी चक्रधर थपलियाल ने जानकारी दी कि 14 जनवरी को सुबह साढ़े पांच बजे विधि-विधान के साथ कपाट खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि कपाट उद्घाटन के बाद 20 जनवरी तक महाभिषेक समारोह संपन्न होगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
रविवार को मंदिर परिसर में समिति अध्यक्ष जगदीश बहुगुणा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सप्ताहभर चलने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि 14 जनवरी से गढ़वाल राइफल्स कीर्तन मंडप में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र की महिला मंगल दलों द्वारा भजन, कीर्तन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि कपाट खुलने और सप्ताहभर चलने वाले आयोजनों से क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बनेगा और श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि होगी। लोगों ने प्रशासन और मंदिर समिति से व्यवस्थाएं सुचारु रखने की अपेक्षा जताई है।
आगे क्या होगा
मंदिर समिति के अनुसार कपाट उद्घाटन और महाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। आयोजन के दौरान पूजा-अर्चना, कथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित होंगे।
