
देहरादून/जॉलीग्रांट: इंडिगो एयरलाइन के संकट का असर अब जॉलीग्रांट एयरपोर्ट तक पहुंच गया है। उड़ानों के रद्द होने और देरी से चलने के कारण देहरादून और ऋषिकेश आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहे, जबकि कुछ यात्रियों का सामान दिल्ली, मुंबई और बेंगलूरू जैसे बड़े हवाई अड्डों पर अटक गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
इंडिगो एयरलाइन पिछले एक सप्ताह से गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही है। पायलट और क्रू की कमी के कारण देशभर में उड़ानें रद्द हो रही हैं। जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के माध्यम से देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोग भी अब इस संकट की चपेट में आ गए हैं। दिल्ली और मुंबई से आने वाली कनेक्टिंग उड़ानें रद्द या डायवर्ट होने लगी हैं, जिससे जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर अचानक भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बन गई।
आधिकारिक जानकारी
इंडिगो ने सोमवार को 562 उड़ानें रद्द कर दीं। देशभर में यात्रियों का गुस्सा एयरलाइन स्टाफ पर फूट रहा है, जबकि कई यात्रियों को चेक-इन बैग भी नहीं मिल रहे। बड़ी हवाई अड्डों के बैगेज एरिया में सूटकेस और बैगों का ढेर लग गया है, जिसमें कई देहरादून और ऋषिकेश आने वाले यात्रियों का सामान भी शामिल है।
सरकार ने इंडिगो को यात्रियों के बैग जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जॉलीग्रांट पहुंचने वाले यात्री अभी भी सामान का इंतजार कर रहे हैं। स्थिति का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि 9,000 में से केवल 4,500 बैग ही यात्रियों को वापस किए जा सके हैं।
देहरादून के यात्री विकास बाजपेयी ने बताया कि वह चार दिन से इंतजार कर रहे हैं, पर सामान कब मिलेगा इसकी किसी के पास स्पष्ट जानकारी नहीं है। ऋषिकेश और पहाड़ों में होटल बुक कर चुके कई पर्यटकों का कहना है कि महत्वपूर्ण सामान न मिलने के कारण उनकी पूरी यात्रा बाधित हो गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर यात्रियों का कहना है कि देरी की जानकारी समय पर नहीं दी जा रही, जिससे देहरादून और ऋषिकेश तक पहुंचने की उनकी योजनाएँ बिगड़ रही हैं। कई स्थानीय लोग नाराज होकर कहते हैं कि एयरलाइन को यात्रियों की परेशानियों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जबकि एयरपोर्ट स्टाफ का दावा है कि वे लगातार स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं।
पर्यटन क्षेत्र के संचालकों ने बताया कि दिसंबर में ऋषिकेश और मसूरी में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, लेकिन उड़ानें रद्द होने से होटल और यात्रा बुकिंग रद्द हो रही हैं।
राज्यसभा और केंद्र का रुख
केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि इंडिगो संकट की जांच चल रही है और ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो अन्य एयरलाइनों के लिए मिसाल बने। उन्होंने कहा कि इंडिगो चालक दल और रोस्टर के प्रबंधन में विफल रहा। केंद्र ने यह भी कहा कि भारत जैसे बड़े बाजार में कम से कम पाँच मजबूत एयरलाइनों की जरूरत है, और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आंकड़े और तथ्य
21 नवंबर से 7 दिसंबर के बीच 9.55 लाख टिकट रद्द हुए और एयरलाइन को यात्रियों को 827 करोड़ रुपये का रिफंड देना पड़ा। रद्द उड़ानों में दिल्ली की 134 उड़ानें शामिल थीं, जिनका सीधा प्रभाव देहरादून आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ा। DGCA द्वारा चल रही जांच के तहत इंडिगो के CEO और COO को भी तलब किया जा सकता है।
आगे क्या?
जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर अभी कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य होने की संभावना कम है। देहरादून और ऋषिकेश के लिए उड़ानों पर असर जारी रह सकता है। DGCA की जांच रिपोर्ट आने के बाद इंडिगो पर कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन से उड़ान की पुष्टि के बिना एयरपोर्ट न पहुँचें और यात्रा की योजना लचीली रखें।







