
हरिद्वार: राजाजी नेशनल पार्क से भटके छह जंगली हाथियों का झुंड शनिवार सुबह हरिद्वार–लक्सर मुख्य मार्ग पर आ गया, जिससे रास्ते पर चल रहे लोगों में दहशत फैल गई। कुछ देर तक मार्ग खाली कराया गया और लोग सुरक्षित दूरी पर खड़े होकर हाथियों के निकलने का इंतजार करते रहे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हरिद्वार और राजाजी नेशनल पार्क के आसपास के क्षेत्रों में अक्सर हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। जंगल से सटी सड़कों पर जंगली हाथियों का अचानक आना आम लोगों और यात्रियों के लिए जोखिम भरा होता है। किसानों की खेतों में लगी हाथियों की पसंदीदा फसलें अक्सर उन्हें जंगल से बाहर आने को मजबूर करती हैं।
आधिकारिक जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को अलर्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि हाथी खेतों की ओर न मुड़ें, इसके लिए टीम निगरानी में लगी रही। वन विभाग के कुछ अधिकारी मौके पर पहुंच तो सके, लेकिन हाथी सड़क पार कर आगे बढ़ चुके थे। अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मुख्य मार्ग पर मौजूद लोगों ने बताया कि छह हाथियों के अचानक एक के बाद एक आने से कुछ मिनटों के लिए माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। कुछ स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाकर टॉर्च की रोशनी से हाथियों को आगे बढ़ने का इशारा किया, जिसके बाद झुंड धीरे-धीरे मार्ग पार कर गया। राहगीरों का कहना है कि सड़क पर एक हाथी के कुछ पल ठहर जाने से सनसनी फैल गई थी।
किसानों ने बताया कि हाथी खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन वे खेती छोड़ नहीं सकते। उनका कहना है कि अक्सर रात में हाथियों के डर से खेतों की रखवाली करनी पड़ती है।
आगे क्या?
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों की नियमित निगरानी की मांग की है। वन विभाग आने वाले दिनों में क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाने और किसानों को जागरूक करने की योजना बना रहा है। हाथियों की लगातार आवाजाही देखते हुए विभाग मानव–वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए नए उपायों पर भी विचार कर सकता है।





