
पौड़ी/जयहरीखाल: जिले के जयहरीखाल ब्लॉक के गौखड़ा गांव में शनिवार सुबह एक महिला पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई, जबकि गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और शव उठाने से रोक दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पौड़ी जिले में पिछले कई वर्षों से वन्यजीवों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बाघ, गुलदार और भालू कई क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं। गौखड़ा गांव में शनिवार को हुई यह घटना उसी मानव–वन्यजीव संघर्ष की भयावह तस्वीर पेश करती है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में कई दिनों से बाघ की मौजूदगी महसूस की जा रही थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
अधिकारीक जानकारी
मृतका 61 वर्षीय उर्मिला देवी सुबह अपने खेतों के पास पशुओं के लिए चारा लेने गई थीं। इसी दौरान बाघ ने घात लगाकर उन पर हमला कर दिया।
गांव वालों ने बताया कि महिला जब देर तक घर नहीं लौटी तो ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। कुछ दूरी पर उन्हें शव बरामद हुआ, जो बाघ द्वारा बुरी तरह नोचा हुआ था।
घटना की सूचना मिलते ही जयहरीखाल ब्लॉक के अधिकारी, पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को उठाने नहीं दिया और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
वन क्षेत्राधिकारी पंकज रावत ने बताया कि टीम मौके पर तैनात की गई है। क्षेत्र में पिंजरा लगाने और वन्यजीव की गतिविधि पर नजर रखने के लिए गश्त भी बढ़ाई जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिला। उन्होंने कहा कि बाघ और भालुओं के कारण गांव में रहना मुश्किल हो गया है। बच्चे और महिलाएं अकेले बाहर निकलने से डर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि यदि विभाग समय रहते सक्रिय होता तो यह मौत टाली जा सकती थी।
एक ग्रामीण ने कहा कि क्षेत्र में बंदरों का आतंक भी चरम पर है और अब बाघ ने लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल कर दिया है। लोग पलायन पर मजबूर होते जा रहे हैं।
आगे की स्थिति
वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और वन्यजीव को पकड़ने के प्रयास तेज किए जाएंगे। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मृतका के परिवार को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक विभाग क्षेत्र में ठोस कार्रवाई नहीं करता, वे विरोध जारी रखेंगे।






