
रायवाला: कछुआ तस्करी के मामले में गिरफ्तार दंपती को न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए 14 कछुओं को वन विभाग की मौजूदगी में राजाजी पार्क क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रायवाला क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी के मामले समय–समय पर सामने आते रहे हैं। ताजा घटना में पुलिस ने बृहस्पतिवार को काले की ढाल सपेरा बस्ती निवासी बेताब नाथ और बरखा देवी को गिरफ्तार किया था। दोनों पर कछुओं की अवैध तस्करी का आरोप लगाया गया। जांच के दौरान उनकी कार की डिग्गी से एक बोरे में 14 जीवित कछुए बरामद किए गए, जिसे पुलिस ने तस्करी से जुड़ा गंभीर मामला माना।
अधिकारीक जानकारी
रायवाला कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आर.एस. खोलिया ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया। शुक्रवार को आरोपी दंपती को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। अधिकारियों का कहना है कि बरामद कछुओं को वन विभाग की टीम ने राजाजी पार्क के सुरक्षित तालाबों में छोड़कर पुनर्वास कराया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वन्यजीव तस्करी बढ़ने से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है। उनका मानना है कि पुलिस और वन विभाग द्वारा की गई संयुक्त कार्रवाई से अवैध तस्करी पर रोक लगेगी।
आगे की स्थिति
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी दंपती इस तस्करी नेटवर्क से कब से जुड़े थे और कछुओं को कहां भेजा जाना था। मामले की विस्तृत जांच आगे भी जारी रहेगी। वन विभाग ने भी संकेत दिया कि क्षेत्र में अवैध वन्यजीव व्यापार पर निगरानी और सख्त की जाएगी।







