
देहरादून: परिवहन निगम अब अपनी बस सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी में है। बोर्ड बैठक में 250 नई बसों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसमें 200 बसें मैदानी मार्गों और 50 बसें पर्वतीय मार्गों के लिए आवंटित की जाएंगी। साथ ही निगम कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी पर भी सहमति बनी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड परिवहन निगम पिछले कुछ समय से अपनी सेवाओं को आधुनिक और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में कई कदम उठा रहा है। बसों की बढ़ती जरूरत और पुराने वाहनों के चरणबद्ध प्रतिस्थापन को देखते हुए नई फ्लीट जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
आधिकारिक जानकारी
बुधवार को प्रमुख सचिव और परिवहन निगम बोर्ड के अध्यक्ष एल. फैनई की अध्यक्षता में हुई बैठक में निगम के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
निगम ने बताया कि पूर्व में 100 बसों की खरीद पर 35.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। जीएसटी दरें बदलने से लगभग 2.76 करोड़ रुपये की बचत हुई। इसी राशि में 17 लाख रुपये जोड़कर टाटा कंपनी ने नौ अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने की पेशकश की, जिसे बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान कर दी।
इसके बाद पर्वतीय मार्गों के लिए कुल बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 109 कर दी गई है। इनमें से कुछ बसें निगम को प्राप्त भी होने लगी हैं।
स्थानीय / मानवीय प्रतिक्रिया
यात्रियों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बस सेवाओं के सीमित विकल्प होने से समस्याएँ बढ़ती हैं। नई बसें आने से यात्रा सुविधा में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। वहीं निगम कर्मचारियों ने डीए बढ़ोतरी के फैसले का स्वागत किया।
अन्य निर्णय
बैठक में निगम ने नई बसों की खरीद के लिए अपनी संपत्ति को गिरवी रखने का प्रस्ताव भी रखा। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि किसी संपत्ति को गिरवी रखने से पहले यह प्रस्ताव पुनः बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया जाए। निगम ने वर्ष 2024-25 की बैलेंस शीट भी पेश की, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 46 करोड़ रुपये का घाटा दर्शाया गया। इस पर बोर्ड ने आय बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।
आगे क्या?
परिवहन निगम आने वाले महीनों में नई बसों की खरीद प्रक्रिया को तेज करेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रूट पुनर्गठन, बसों की संख्या बढ़ाने और खराब बसों को हटाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट कहा कि निगम को अपने राजस्व मॉडल में बदलाव कर वित्तीय स्थिति मजबूत करनी होगी।







