
देहरादून: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने संयुक्त राज्य सिविल (UKPSC) / प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) की मुख्य परीक्षा पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह परीक्षा 6 से 9 दिसंबर के बीच प्रस्तावित थी, लेकिन प्रारंभिक परीक्षा में गलत प्रश्न पूछे जाने और विकल्पों की अस्पष्टता को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने परीक्षा स्थगित करने के निर्देश दिए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
UKPSC की PCS भर्ती परीक्षा 2024–25 प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, बीडीओ सहित कुल 123 पदों के लिए चयन प्रस्तावित है। प्रारंभिक परीक्षा दो पेपर—जनरल स्टडीज और CSAT—के 150-150 अंकों के आधार पर आयोजित हुई थी। इन्हीं अंकों के आधार पर उम्मीदवारों की मेरिट सूची तैयार कर मुख्य परीक्षा के लिए चयन किया गया था।
औपचारिक जानकारी
मामला न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में सुना गया। याचिका में हरिद्वार निवासी कुलदीप राठी सहित अन्य उम्मीदवारों ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्न या तो गलत हैं या उनमें विकल्पों के संदर्भ में गंभीर अस्पष्टता थी।
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग की कि इन विवादित प्रश्नों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, क्योंकि गलत प्रश्नों के अंक मेरिट सूची को प्रभावित करते हैं और कई अभ्यर्थियों की रैंक बदल सकती है।
सुनवाई के बाद खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश जारी किए:
- प्रश्न संख्या 70 को पूरी तरह हटाया जाए।
- अन्य तीन विवादित प्रश्नों की समीक्षा विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) से करवाई जाए।
- जब तक यह जांच पूरी न हो और मेरिट सूची को दोबारा सही तरीके से निर्धारित न किया जाए, मुख्य परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
कोर्ट ने कहा कि मेरिट में बदलाव संभावित है, इसलिए मौजूदा स्थिति में मुख्य परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर UKPSC PCS मुख्य परीक्षा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
देहरादून और अन्य जिलों के अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में त्रुटियाँ लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं और इस फैसले से परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। कई छात्रों ने हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सही मेरिट सुनिश्चित होना आवश्यक है, ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा स्थगित होने के कारण उत्पन्न अनिश्चितता पर चिंता भी जताई।
आगे क्या?
UKPSC अब विशेषज्ञ समिति गठित कर विवादित प्रश्नों की समीक्षा कराएगा। समिति की रिपोर्ट और संशोधित मेरिट सूची जारी होने के बाद ही मुख्य परीक्षा की नई तिथि घोषित की जाएगी। आयोग का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही परीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ाने से किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद की संभावना कम होगी।







