
देहरादून: डोईवाला के दुधली क्षेत्र में हाथियों और गुलदार की लगातार बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रतिदिन हाथियों का झुंड गांव में पहुंच रहा है, जबकि गुलदार कई पालतू कुत्तों को निवाला बना चुका है। घटनाओं के बढ़ने से चिंतित ग्रामीणों ने वन विभाग से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
डोईवाला और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। जंगल से सटे गांवों में हाथी और गुलदार के आने की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं, लेकिन दुधली क्षेत्र में हाल ही में इनकी संख्या और आवृत्ति में वृद्धि ने ग्रामीणों की चिंता को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कभी इतनी लगातार आवाजाही नहीं देखी गई।
औपचारिक जानकारी
स्थानीय लोगों ने बताया कि हर रात हाथियों का झुंड गांव में घुस रहा है और खेतों को नुकसान पहुंचा रहा है। कई घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों में हाथियों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दी हैं। वहीं दूसरी ओर गुलदार कई पालतू कुत्तों को उठा ले गया, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
वन विभाग के अधिकारी संपर्क में नहीं आए, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार विभाग को कई बार सूचना दी जा चुकी है। वन विभाग के कर्मचारियों की इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की जा रही है ताकि इन घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि जानवरों की लगातार बढ़ती मौजूदगी से बच्चे और महिलाएं खास तौर पर घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि रात को खेतों की रखवाली करना भी जोखिम भरा हो गया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि “हाथियों का झुंड रोजाना गांव में घूम रहा है। अगर वन विभाग ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।”
आगे क्या?
ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल और आबादी क्षेत्र के बीच सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने और हाथियों की आवाजाही को सीमित करने की मांग की है।
प्रशासन जल्द बैठक कर स्थिति की समीक्षा कर सकता है, ताकि मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।







