
देहरादून: उत्तराखंड की करीब 40 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ने वाला है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बी.एल. राणा ने बताया कि मानदेय वृद्धि पर फैसला शासन स्तर पर गठित समिति करेगी और विभाग अधिकतम वृद्धि के लिए पूरी पैरवी करेगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राज्य की बाल पोषण, स्वास्थ्य और महिला कल्याण योजनाओं की रीढ़ मानी जाती हैं। लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और पदोन्नति की मांग उठती रही है। विभाग द्वारा दिए गए नवीनतम संकेतों से कार्यकर्ताओं में उम्मीद जगी है कि उनकी आर्थिक और पद संबंधित समस्याओं का समाधान जल्द होगा।
आधिकारिक जानकारी
विभाग के निदेशक बी.एल. राणा के अनुसार, मानदेय बढ़ाने के लिए शासन ने एक समिति का गठन किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि समिति के समक्ष अधिकतम वृद्धि का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग स्तर पर लंबित पदोन्नति मामलों को भी जल्द निपटाया जाएगा और एक सप्ताह के भीतर सुपरवाइजर के खाली पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से बेहतर मानदेय की मांग कर रही हैं, क्योंकि काम की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं लेकिन मानदेय उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाया। कुछ कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि इस बार समिति वास्तविक परिस्थितियों को देखते हुए राहतकारी निर्णय लेगी।
कल्याण कोष और सेवानिवृत्ति लाभ
निदेशक बी.एल. राणा ने बताया कि विभाग में पहले से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्याण कोष बनाया गया है। सेवानिवृत्त होने वाली कार्यकर्ताओं को कम से कम एक लाख रुपये की एकमुश्त धनराशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सेवा अवधि के अनुसार इस राशि में प्रति वर्ष 5% की वृद्धि लागू होगी। इससे लंबे समय से सेवाएँ दे रही आंगनबाड़ी कर्मियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।
आगे क्या?
शासन की समिति जल्द मानदेय वृद्धि पर निर्णय लेगी। विभाग सुपरवाइजर पदों पर भर्ती प्रक्रिया को एक सप्ताह के भीतर शुरू करेगा।
कल्याण कोष के प्रावधानों को और मजबूत बनाते हुए सेवानिवृत्त आंगनबाड़ी कर्मियों को लाभ देने की दिशा में विभाग आगे बढ़ रहा है।
कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में उनकी वेतन और पदोन्नति संबंधित समस्याओं का समाधान हो जाएगा।






