
विकासनगर — देहरादून जिले के कटापत्थर क्षेत्र में यमुना नदी में अवैध खनन के लिए गए तीन लोग अचानक बढ़े जलस्तर के बीच ट्रैक्टर ट्रॉली सहित फंस गए। SDRF टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यमुना नदी के किनारे कई जगहों पर अवैध खनन की गतिविधियाँ जारी रहती हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन समय–समय पर कार्रवाई करता है, लेकिन जोखिम के बावजूद कई लोग नदी की धाराओं और डैम के पानी छोड़ने के खतरे को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। कटापत्थर का इलाका भी ऐसे जोखिम वाले स्थानों में शामिल है, जहाँ अचानक जलस्तर बढ़ने से खतरा बढ़ जाता है।
कैसे फंसे लोग
मंगलवार दोपहर तीन व्यक्ति ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ यमुना नदी के बीच खनन करने गए थे। वहीं दूसरी ओर जुड्डो डैम से समय–समय पर पानी छोड़ा जाता है, जिसकी जानकारी और चेतावनी के लिए साइरन भी बजाया जाता है। बताया गया कि इन लोगों को न तो इस चेतावनी का अंदाजा था और न ही नदी के व्यवहार का। अचानक जलस्तर बढ़ा और ट्रैक्टर तेज धाराओं के बीच फंस गया।
सूचना मिलते ही SDRF हरकत में
CCR देहरादून के माध्यम से SDRF डाकपत्थर पोस्ट को सूचना मिली कि कटापत्थर के पास नदी के बीच तीन लोग फंसे हैं। टीम को तुरंत रवाना किया गया। अपर उपनिरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में SDRF टीम मौके पर पहुँची। उन्होंने देखा कि तेज धारा के बीच ट्रैक्टर में तीन लोग बेहद असहज स्थिति में फंसे हुए थे। टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन कैसे हुआ
SDRF टीम ने रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से तेज बहाव का आकलन किया और रेस्क्यू लाइन सेट की। नदी की तेज धाराएँ लगातार बाधा बन रही थीं, लेकिन टीम ने सावधानी और कौशल के साथ ऑपरेशन को आगे बढ़ाया। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अधिकारियों की जानकारी
SDRF पोस्ट डाकपत्थर के अपर उपनिरीक्षक सुरेश तोमर ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुँची और सफल रेस्क्यू किया गया। फंसे हुए तीन व्यक्तियों की पहचान केदार (35) निवासी कोथी भोन्दी, मनीष (23), और अनिल (18) निवासी बौसान के रूप में हुई है। तीनों की हालत सुरक्षित बताई जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने SDRF टीम के त्वरित पहुँचने और तेजी से रेस्क्यू करने की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि डैम से पानी छोड़े जाने की चेतावनियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। कई बार अनजान लोग या मजदूर जोखिम उठाकर नदी में चले जाते हैं, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है।
आगे क्या?
प्रशासन अब इस इलाके में समय–समय पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है, ताकि अवैध खनन और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण लगाया जा सके। SDRF ने भी लोगों से नदी में उतरने से पहले जलस्तर और डैम की गतिविधियों की जानकारी लेने की अपील की है।







