
देहरादून—अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने देशभर में छात्रावासों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाने की घोषणा की है। इसके साथ ही छात्रों की डिजिटल निर्भरता कम करने के उद्देश्य से ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान भी शुरू किया जाएगा। यह घोषणा सोमवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में हुए 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन सत्र में की गई।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देशभर के कॉलेजों और छात्रावासों में सुविधाओं, सुरक्षा और जीवनशैली से जुड़े मुद्दे लगातार उठते रहे हैं। एबीवीपी ने इस बीच छात्रों की मानसिक और सामाजिक स्थिति को बेहतर समझने के लिए दो बड़े राष्ट्रीय अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
देशव्यापी छात्रावास सर्वेक्षण अभियान
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि संगठन जल्द ही देशभर में छात्रावासों का सर्वेक्षण शुरू करेगा। इस सर्वेक्षण में सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, आवश्यक सुविधाओं और छात्रों की संतुष्टि जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह सर्वे छात्रों की वास्तविक जरूरतों व समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए नीति-स्तर पर सुझाव तैयार करने में मदद करेगा।
‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान
डिजिटल निर्भरता के बढ़ते असर को देखते हुए परिषद ने यह पहल शुरू करने की घोषणा की है। अभियान के तहत छात्रों को मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले मानसिक, शारीरिक और शैक्षणिक प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
विभिन्न छात्रावासों और कॉलेजों में योग, खेल, पाठन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह संवाद और रचनात्मक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी ताकि युवा संतुलित जीवनशैली अपना सकें।
ऐतिहासिक वर्षगांठों पर राष्ट्रीय कार्यक्रम
डॉ. सोलंकी ने बताया कि आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक वर्षगांठों पर व्यापक आयोजन किए जाएंगे। इनमें महारानी अब्बक्का की 500वीं जन्मजयंती पर प्रदर्शनी और परिचर्चा, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर कार्यक्रम, संघ शताब्दी वर्ष और प्रो. यशवंत राव केलकर जन्मशती पर अनेक आयोजन शामिल हैं।
इसके अलावा वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ पर महाविद्यालय इकाइयों के साथ वंदेमातरम गान अभियान चलाया जाएगा। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर जन-जागरूकता कार्यक्रम भी परिषद की प्रमुख योजनाओं में शामिल है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अधिवेशन में शामिल कई छात्रों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि ये अभियान युवाओं को समाज के प्रति अधिक जागरूक बनाने में मदद करेंगे। छात्रावास सर्वेक्षण को लेकर भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है।
आगे क्या?
एबीवीपी शीघ्र ही सर्वेक्षण और डिजिटल जागरूकता अभियान के लिए टीमों का गठन करेगी। अभियान पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की योजना है।







