
नैनीताल—पुलिस अश्व दल की वफादार और बहादुर अश्व “रूबी” ने 30 नवंबर की रात रुद्रपुर पुलिस लाइन में 14 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। वर्ष 2016 से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रही “रूबी” को पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नैनीताल पुलिस के अश्व दस्ते में शामिल अश्व “रूबी” लंबे समय से विभाग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही थी। देहरादून पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों में सक्रिय रूप से शामिल रही।
रूबी की सेवा और योगदान
अश्व “रूबी” ने वर्ष 2016 में देहरादून में औपचारिक प्रशिक्षण पूरा किया था। इसके बाद से वह घुड़सवार दस्ते में अपनी सेवाएँ दे रही थी। रूबी ने शांति व्यवस्था बनाए रखने, वीवीआईपी ड्यूटी, रैतिक परेड, पायलट ड्यूटी और कई विशेष अभियानों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग के अधिकारी रूबी को एक अनुशासित, शांत और भरोसेमंद अश्व के रूप में याद करते हैं।
अंतिम विदाई
रूबी के असामयिक निधन पर रुद्रपुर पुलिस लाइन में भावुक माहौल रहा। एसपी सिटी रुद्रपुर उत्तम सिंह और सीओ सिटी हल्द्वानी अमित कुमार ने रूबी को पुष्प अर्पित किए और सलामी गार्द के साथ सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी। पुलिस कर्मियों ने नम आंखों से रूबी के योगदान को याद किया।
एसएसपी नैनीताल की प्रतिक्रिया
एसएसपी नैनीताल मंजुनाथ टीसी ने कहा कि अश्व “रूबी” ने अपने सेवा काल में कई महत्वपूर्ण कार्य किए और विभाग की विभिन्न ड्यूटियों में अनुकरणीय योगदान दिया। उनका कहना था कि “रूबी का असमय चले जाना पुलिस विभाग के लिए एक अपूर्णीय क्षति है।”
स्थानीय प्रतिक्रिया
पुलिस दस्ते से जुड़े लोगों का कहना है कि अश्व दस्ते में शामिल हर अश्व पुलिस की कार्यप्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। रूबी की निष्ठा और अनुशासन को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
आगे क्या?
पुलिस विभाग ने रूबी की सेवाओं को संरक्षित करने और अश्व दस्ते की देखभाल और प्रशिक्षण को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही है।







