
गैरसैंण: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में जहां विकास के बड़े दावे किए जाते रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजकीय इंटर कॉलेज में 40 वर्षों से संचालित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की यूनिट के अचानक बंद होने से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ गया है। 2018 से बंद पड़ी इस यूनिट के कारण क्षेत्र के विद्यार्थियों को सैन्य प्रशिक्षण और कैरियर अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गैरसैंण राज्य गठन से लेकर अब तक ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में बड़े विकास का सपना देखता रहा है, लेकिन धरातल पर कई बुनियादी सुविधाएं धीरे-धीरे सीमित होती जा रही हैं। इसी क्रम में राजकीय इंटर कॉलेज में एनसीसी यूनिट का बंद होना सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार गैरसैंण के समग्र विकास की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पूर्व से चली आ रही उपयोगी सुविधाएं भी समाप्त होती जा रही हैं।
एनसीसी यूनिट बंद होने की स्थिति
राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण में 1978 में जूनियर डिवीजन एनसीसी शुरू की गई थी, जबकि कुछ वर्षों बाद सीनियर डिवीजन भी जोड़ दी गई। पिछले चार दशकों में हाईस्कूल और इंटर स्तर के तीन हजार से अधिक छात्रों ने यहां से एनसीसी प्रशिक्षण लेकर प्रमाण पत्र प्राप्त किए। इस प्रशिक्षण के आधार पर कई युवाओं ने सेना, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर पाए।
2018 में एनसीसी यूनिट अचानक बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह निर्णय किसी स्पष्ट कारण के बिना लिया गया। विभागीय लापरवाही और एनसीसी अधिकारियों के बिना स्थानापन्न स्थानांतरण के कारण यूनिट को जारी नहीं रखा जा सका। इसके बाद विद्यालय में मानकों के अनुरूप शिक्षक उपलब्ध न होने से एनसीसी दोबारा शुरू नहीं हो पाई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गैरसैंण के अभिभावक और जनप्रतिनिधि यूनिट की बहाली की लगातार मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि एनसीसी बंद होने से बच्चों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और सैन्य प्रशिक्षण के अवसरों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। क्षेत्र सैन्य बाहुल्य होने के कारण एनसीसी प्रशिक्षण यहां के युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
विद्यालय प्रशासन की स्थिति
प्रभारी प्रधानाचार्य कलम सिंह कठायत ने बताया कि स्थानीय अभिभावकों की मांग को जिला स्तर तक पहुंचा दिया गया है। विद्यालय में फिलहाल 45 वर्ष से कम आयु के स्थायी शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि एनसीसी संचालन के लिए यह मानक आवश्यक है। खेल प्रशिक्षक का पद भी वर्षों से रिक्त पड़ा है। हालांकि एनसीसी की राइफलें और अन्य सामग्री विद्यालय में पूरी तरह सुरक्षित उपलब्ध है। जूनियर स्तर पर 35 और सीनियर स्तर पर लगभग 100 विद्यार्थी यूनिट के इंतजार में हैं। शिक्षक उपलब्ध होते ही एनसीसी पुनः शुरू की जा सकती है।
जिला स्तर की प्रतिक्रिया
मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली श्रीकांत पुरोहित ने हाल ही में गोचर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि गैरसैंण की एनसीसी यूनिट शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन से बातचीत कर उचित शिक्षक व्यवस्था की जाएगी और एनसीसी जल्द पुनः प्रारंभ कराने की दिशा में विभाग कार्रवाई कर रहा है।
आगे क्या?
स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वर्षों की परंपरा और बच्चों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले पर विभाग जल्द निर्णय लेगा। यदि शिक्षक की नियुक्ति और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो गैरसैंण इंटर कॉलेज में एनसीसी दोबारा शुरू होने की संभावना बढ़ जाएगी।




