
नैनीताल हाईकोर्ट ने विकासनगर क्षेत्र में आसन बैराज के एक पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने का आदेश जारी कर दिया है। खंडपीठ में सुनवाई के दौरान सरकार ने पुल की मरम्मत और सुरक्षा की पुष्टि की, जिसके बाद कोर्ट ने लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
विकासनगर क्षेत्र में आसन बैराज के पुलों की स्थिति को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने लंबे समय से चिंता जताई थी। 60 के दशक में बनी 15 पुलों में से कई पुल जर्जर हो चुके हैं, जिनसे दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। इसी मुद्दे पर स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएँ दायर की थीं।
अधिकारिक जानकारी
मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि स्क्रू पुल की मरम्मत कर ली गई है और निजी एजेंसी से इसकी जांच भी कराई गई है। रिपोर्ट में इसे सुरक्षित घोषित किया गया है।
यूजेवीएनएल ने इस पुल को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को हस्तांतरित कर दिया है, और अब इसके रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की होगी।
कोर्ट ने पुल को खोलने की अनुमति देते हुए कहा कि दुर्घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग और संबंधित एजेंसी पर होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बंद होने से महीनों से आवाजाही में भारी दिक्कत हो रही थी।
एक निवासी ने कहा, “पुल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई, इलाज और खेती-किसानी के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे।”
पुल खोलने के आदेश से सीमावर्ती ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता रघुनाथ सिंह नेगी और अन्य स्थानीय निवासियों ने कोर्ट को बताया कि आसन बैराज क्षेत्र में बनी नहरों पर 60 के दशक में 15 पुल निर्मित हुए थे, जिनमें से 5 पुल काफी जर्जर हैं और उनकी भार वहन क्षमता कम हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते इन पुलों की मरम्मत न हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
याचिका में यह भी मांग की गई थी कि पुलों पर भारी वाहनों का संचालन रोका जाए।







